Weather Update : बंगाल की खाड़ी में उठ रहा तूफान; कोल्हान में 1 से 4 नवंबर तक बारिश की संभावना, गिरेगा तापमान
बंगाल की खाड़ी में बन रहा एक शक्तिशाली चक्रवाती तूफान झारखंड समेत कई तटीय राज्यों को प्रभावित कर सकता है। ...और पढ़ें

चक्रवाती तूफान का आंशिक या व्यापक प्रभाव झारखंड के मौसम पर भी देखने को मिल सकता है।
HighLights
बंगाल की खाड़ी में बन रहा शक्तिशाली चक्रवाती तूफान।
तापमान में गिरावट और हवा की गति तेज होने की आशंका।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। बंगाल की खाड़ी में बन रहे एक शक्तिशाली चक्रवाती तूफान ने नवंबर के शुरुआती दिनों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने की चेतावनी दे दी है।
समुद्र में विकसित हो रहा कम दबाव का क्षेत्र बेहद तेजी से ताकतवर होता जा रहा है, जिसका सीधा असर देश के कई तटीय राज्यों के साथ-साथ झारखंड के मौसम पर भी पड़ने की पूरी संभावना है।
गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब (डिप्रेशन) पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। यह मौसमी सिस्टम और अधिक गहन होकर गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है।
अनुमान के मुताबिक, यह सिस्टम 31 अक्टूबर की आधी रात तक 'गहन अवदाब' और एक नवंबर को 'चक्रवाती तूफान' में तब्दील हो चुका है।
इसके बाद दो नवंबर को इसके और अधिक ताकतवर होते हुए 'गंभीर चक्रवाती तूफान' का रूप लेने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग का आकलन है कि यह तूफान 3 नवंबर की सुबह तक नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट को पार कर सकता है।
इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है, जबकि हवा के झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है।
झारखंड और कोल्हान के मौसम पर खास नजर
इस चक्रवाती तूफान का आंशिक या व्यापक प्रभाव झारखंड के मौसम पर भी देखने को मिल सकता है। खासकर कोल्हान क्षेत्र में इसका असर साफ तौर पर नजर आ रहा है।
जमशेदपुर समेत पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में एक से चार नवंबर के बीच आसमान में बादलों की आवाजाही, हल्की से मध्यम बारिश और तापमान में भारी गिरावट या उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा यह चक्रवाती सिस्टम अगले 48 से 72 घंटों के दौरान और अधिक शक्तिशाली हो सकता है।
इसे देखते हुए मौसम विभाग लगातार इसकी दिशा और तीव्रता पर पैनी नजर रखे हुए है, ताकि समय रहते उचित सतर्कता बरती जा सके।