जमशेदपुर, जागरण संवाददाता। कोल्हान में बिना फार्मासिस्ट लाइसेंस जारी कैसे हो रहा है, यह बड़ा सवाल बन गया है। अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अनुसार, कोल्हान में (पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम व सरायकेला-खरसावां जिला) में कुल 600 फार्मासिस्ट ही रजिस्टर्ड है। जबकि दवा दुकानें 1800 से अधिक संचालित हो रही है। ऐसे में 1200 दुकानें कैसे संचालित हो रही है, यह जांच का विषय है।

हर दवा दुकान खोलने के लिए लाइसेंस लेना होना है और लाइसेंस फार्मासिस्ट के नाम पर ही मिलता है। ऐसे में सवाल उठता है कि इन दुकानों को लाइसेंस भला कैसे मिल जा रहा है। यहां तक की हर साल रिन्यूअल भी हो रहा जा रहा है।शिकायत करने के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाईफार्मासिस्टों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है। जमशेदपुर शहरी क्षेत्र के 78 दवा दुकानों की सूची फरवरी माह में स्वास्थ्य मंत्री व डीसी को सौंपी गई है, जिनके फार्मासिस्ट की डिग्री फर्जी होने का दावा किया गया है। वहीं, 32 दुकान बिना फार्मासिस्ट के ही चल रही है। इसमें जमशेदपुर के बड़े-बड़े दुकानों का नाम शामिल है। अगर जांच हुई तो भंडाफोड़ होगी।

फर्जी सर्टिफिकेट पर झारखंड की दवा दुकानें चल रही है। इसकी जांच होनी चाहिए।

- जितेंद्र शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, फार्मासिस्ट एसोसिएशन।

पुख्ता प्रमाण देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होना चिंता का विषय है। स्वास्थ्य मंत्री को फिर से अवगत कराया जाएगा।

- पीयूष चटर्जी, अध्यक्ष, कोल्हान, फार्मासिस्ट एसोसिएशन।

इसकी शिकायत मिली है। जांच चल रही है। उम्मीद है कि जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

- रजनीश कुमार, उपनिदेशक, ड्रग विभाग।

जहां हो फार्मासिस्ट वहीं से खरीदें दवा

विश्व फार्मासिस्ट दिवस के मौके पर फार्मासिस्ट चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि आज हम सभी के बीच बहुत सारे दवा दुकान ऐसे हैं जो बिना फार्मासिस्ट के ही चल रहे हैं। वैसे दुकानों से दवाएं नहीं खरीदने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में वैसे दुकानदारों द्वारा मरीजों को गलत दवा दी जाती है, जिसका नुकसान उन्हें उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि उसी दुकान से दवा खरीदे जहां पर फार्मासिस्ट मौजूद हो।

Edited By: Rakesh Ranjan