जमशेदपुर, जासं। कोरोना काल में जहां कई कंपनियों की हालत पतली हो गई, वहीं आईटी कंपनियों की चांदी कट रही है। दूसरी कंपनियों में अंधाधुंध छंटनी की गई, जबकि आईटी कंपनियां ना केवल धड़ाधड़ नौकरी बांट रही हैं, बल्कि वेतन भी 120 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। बोनस देने की तैयारी भी है।

यह तब हो रहा है, जब देश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका में कंपनियों से लेकर सरकार तक डरी-सहमी है। ऐसे समय में आईटी कंपनी टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो आदि काे देखकर दूसरी कंपनियां भी सुनहरे भविष्य के लिए हौसला जुटाने लगी हैं।

400 प्रतिशत तक बढ़ेंगे आईटी कंपनियों के मैनपावर

अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है, क्योंकि टीकाकरण तेजी से किया जा रहा है। कर्मचारियों के साथ नियोक्ता भी कार्यस्थल पर काम करने का साहस जुटा रहे हैं। इस बीच आईटी कंपनियों के तो मानों पंख लग गए हैं। एक तरह से देश की पूरी व्यवस्था इन पर निर्भर करने लगी है, जिससे इन कंपनियों को काफी ताकत मिल रही है। ऐसे में प्रमुख आईटी कंपनियां 400 प्रतिशत तक मैनपावर जुटाने की तैयारी में जुट गई हैं। आईटी पेशेवरों की मांग बेतहाशा बढ़ी है।

टीसीएस का महिला भर्ती अभियान उत्साहजनक

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज या टीसीएस ने हाल ही में बड़े पैमाने पर महिला कर्मचारियों की भर्ती करने जा रही है। इनमें उन महिला पेशेवरों को प्राथमिकता दी जा रही है, जो किसी कारणवश दक्षता-कुशलता के बावजूद कॅरियर को विराम दे दिया था या छोड़ दिया था।

आईटी विशेषज्ञों को 120 प्रतिशत तक वेतन की पेशकश

एक रिपोर्ट में कहा गया है कि आईटी कंपनियां विशेषज्ञों को 120 प्रतिशत तक अधिक वेतन देने की पेशकश कर रही हैं। जबरदस्त पैकेज के साथ ये कंपनियां विशेषज्ञों की फौज खड़ी करना चाहती हैं। इससे पूरे आईटी क्षेत्र के लिए कुल वेतन बिल वित्त वर्ष 2021-22 में 1.7 बिलियन अमेरिकी डालर तक बढ़ जाएगा।

इसके तहत कंपनियां एप्लिकेशन डेवलपर, लीड कंसल्टेंट जैसी विशिष्ट योग्यता वालों को नौकरी पर पहले रखना चाहती हैं। ऐसी योग्यता वाले कर्मचारियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर बनकर सामने आया है, जो आईटी क्षेत्र में नौकरी की तलाश कर रहे थे।

Edited By: Jitendra Singh