जमशेदपुर, जासं। हमारे शरीर के अंदर इतने जहरीले पदार्थ जमा हो जाते हैं कि हमें पता ही नहीं चलता और ये हमें तरह-तरह की बीमारी से ग्रसित करते रहते हैं। ऐसे में आपका यह सवाल हो सकता है कि हम इसे कैसे पहचानें और शरीर से कैसे बाहर निकालें।

जमशेदपुर की आयुर्वेद, प्राकृतिक व स्वदेशी चिकित्सा विशेषज्ञ सीमा पांडेय बताती हैं कि यह बहुत आसान है। यदि उनके बताए नुस्खे आजमाएं तो तीन दिन में शरीर से सारे जहरीले पदार्थ बाहर निकल जाएंगे। आइए देखें, क्या है नुस्खे।

जौ का पानी और सत्तू

इसका सत्तू बाजार में तैयार मिल जाता हैं। बस घर में लाइए और पानी में घोलिए, स्वाद अनुसार मिश्री डालिए और सब को पिलाइए। जौ का पानी एक ऐसा पेय है जो जौ को पानी में उबालकर तैयार किया जाता है। यदि इसमें थोड़ी सी चीनी और नींबू भी मिला दी जाए तो यह एक शानदार पेय पदार्थ बन सकता है। जौ के पानी में इतने स्वास्थ्य लाभ हैं कि आप सुनकर चौंक जाएंगे।

इसे कैसे बनाएं

इसकी एक सर्विंग बनाने के लिए एक सॉस पैन में दो टेबल स्पून जौ में एक कप पानी मिला लें। जब तक जौ नरम हों, तब तक इसे उबालें। इस मिश्रण को एक जालीदार कपड़े से छान लें। आप छिलके वाले और बिना छिलके वाले दोनों में से किसी भी प्रकार के जौ ले सकते हैं। छिलके वाले में ज्यादा फाइबर होता है और पकाने में ज्यादा समय लगता है, इसलिए बिना छिलके वाला पकाने में आसान होगा।

जौ के पानी के फायदे

यह मूत्र वर्धक के रूप में काम करता है। यह शरीर के अंदर जमा बेकार पानी और विषैले पदार्थों को मूत्र द्वारा शरीर से बाहर निकाल देता है। चूंकि यह ठंडी तासीर वाला पदार्थ है इसलिए यदि तेज मसालेदार खाने से आपके पेट में जलन हो रही है, तो उसमें यह आपको राहत दे सकता है। इसका बीटा–ग्लूकॉन शरीर में ग्लूकोज के अवशोषण को कम करता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखता है। इसका मतलब है कि कि यदि आपको शुगर है तो जौ का पानी पीने से आपका शुगर लेवल नियंत्रण में रह सकता है। फाइबर की अधिकता के कारण यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है। इससे आपका दिल स्वस्थ रहता है। इसमें मौजूद बीटा–ग्लूकॉन शरीर से जहरीले पदार्थों को बाहर मल द्वारा बाहर निकालने में मदद करता है और बवासीर के खतरे को कम करता है। यह आपको कब्ज से राहत देता है, आंतों को साफ रखता है, जिससे पेट के कैंसर की संभावना कम हो जाती है।

  • यह गर्मी को कम करता है इसलिए गर्मी में इसका सेवन फायदेमंद है।
  •  जौ एंटी-इंफ़्लामेंट्री है। गठिया और जोड़ों के दर्द से पीड़ित लोगों को जौ के पानी से फायदा मिलता ह
  • इस पानी का एक गिलास रोजाना सेवन फाइबर की आवश्यकता को पूरी करता है। किडनी की पथरी के लिए भी यह अचूक औषधि है। एक गिलास जौ के पानी का रोजाना सेवन करने से किडनी की पथरी शरीर से बाहर निकल जाती है और आपकी किडनी स्वस्थ रहती है।

Edited By: Rakesh Ranjan