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हजारीबाग: मुंहबोले भांजे के साथ था पत्नी का प्रेम संबंध, पति बना रोड़ा तो कीटनाशक का इंजेक्शन देकर कर दी हत्या

Published: Wed, 21 Oct 2026 07:18 PM (IST)

नरेश शर्मा हत्याकांड में उनकी पत्नी किरण देवी और मुंहबोले भांजे सुनील ठाकुर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के ...और पढ़ें

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

HighLights

  1. नरेश शर्मा की हत्या में पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार।

  2. प्रेम संबंध में बाधा बनने पर कीटनाशक से मारा।

  3. शव को कोडरमा की पत्थर खदान में फेंका गया।

संवाद सूत्र, चौपारण (हजारीबाग)। मुंहबोले भांजे पर भरोसा कर उसे कोलकाता में बसाने में मदद करने वाले नरेश शर्मा को क्या पता था कि वही व्यक्ति उनकी जिंदगी का दुश्मन बन जाएगा। नरेश की हत्या के मामले में पुलिस ने उनकी पत्नी किरण देवी और उसके कथित प्रेमी सुनील ठाकुर को गिरफ्तार किया है। 

पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच प्रेम संबंध थे और नरेश इस रिश्ते में बाधा बन रहे थे। इसी वजह से उनकी हत्या की साजिश रचे जाने का आरोप है। मामले की कड़ियां हजारीबाग के चौपारण, कोलकाता, कोडरमा के डोमचांच और नवलशाही से जुड़ी हैं। 

17 अक्टूबर को शव बरामद

प्रखंड की भगहर पंचायत के परसातरी गांव निवासी नरेश शर्मा 10 अक्टूबर को कोलकाता जाने की बात कहकर घर से निकले थे। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की और तस्वीर के साथ गुमशुदगी की सूचना प्रसारित की। 

इस बीच 17 अक्टूबर को कोडरमा जिले के नवलशाही स्थित एक बंद पत्थर खदान से बोरे में बंद एक शव बरामद हुआ। 20 अक्टूबर को परिजनों ने शव की पहचान नरेश शर्मा के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी।

कोलकाता में बसाने में की थी मदद

नरेश शर्मा का कोलकाता में बड़ा सैलून और मकान था। बताया जाता है कि सुनील ठाकुर के पिता देवनारायण ठाकुर से नरेश की अच्छी जान-पहचान थी। सुनील डोमचांच में मेडिकल प्रैक्टिशनर था और अपने पिता से मिलने अक्सर कोलकाता जाता था। इसी दौरान नरेश और सुनील के बीच मुंहबोले मामा-भांजे जैसा रिश्ता बन गया। 

नरेश ने सुनील को कोलकाता में बसने में भी मदद की थी। पुलिस जांच के अनुसार, सुनील और किरण देवी वर्ष 2019 से एक-दूसरे के संपर्क में थे। आरोप है कि दोनों के बीच प्रेम संबंध थे और नरेश इस रिश्ते में बाधा बन रहे थे। पुलिस का दावा है कि इसी कारण नरेश को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। जांच में किरण की कथित भूमिका भी सामने आई है।

इलाज के बहाने डोमचांच ले जाने का आरोप

पुलिस की पूछताछ में सामने आए तथ्यों के अनुसार, नरेश की मुलाकात होने के बाद सुनील उन्हें बाइक से इलाज कराने के बहाने डोमचांच ले गया। आरोप है कि सुनील ने अपने क्लिनिक में दवा देने के बहाने इंजेक्शन में कीटनाशक मिलाकर नरेश को लगा दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। 

पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद शव को बोरे में बंद कर मोटरसाइकिल से नवलशाही ले जाया गया और बंद पत्थर खदान में फेंक दिया गया। शव की पहचान मिटाने के लिए चेहरे पर तेजाब डालने की बात भी जांच में सामने आई है। पुलिस ने 17 अक्टूबर को शव बरामद किया था। 

20 अक्टूबर को परिजनों द्वारा पहचान किए जाने के बाद मामले की जांच में तेजी आई और संदिग्धों से पूछताछ शुरू हुई।

पूछताछ के बाद दोनों गिरफ्तार

शव की पहचान होने के बाद पुलिस ने मामले की विभिन्न कड़ियों को जोड़ते हुए जांच की। पूछताछ के दौरान सुनील ठाकुर की भूमिका सामने आने पर उसे हिरासत में लिया गया। इसके बाद नरेश की पत्नी किरण देवी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। 

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में हत्या और कथित साजिश से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं। दोनों आरोपितों को बुधवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस की ओर से सामने आए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर होगी।

पिता की मौत, मां की गिरफ्तारी से तीन बच्चों के सामने संकट

नरेश शर्मा अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी छोड़ गए हैं। उनके दोनों बेटे किशोरावस्था में हैं। 20 अक्टूबर को जब परिजन शव की पहचान करने के लिए कोडरमा पहुंचे, तब बच्चों ने अपने पिता का शव देखा। इस दुखद घड़ी में भगहर पंचायत के मुखिया कृष्णा रविदास ने परिजनों और बच्चों को सहारा दिया। 

पिता की मौत का सदमा अभी कम भी नहीं हुआ था कि हत्या के मामले में मां की कथित संलिप्तता सामने आने और उनकी गिरफ्तारी से बच्चों के सामने एक और संकट खड़ा हो गया। परिवार के सामने अब भावनात्मक पीड़ा के साथ भविष्य की चिंता भी है। जिस परिवार में साथ रहने और आगे बढ़ने के सपने थे, वहां अब अपनों को खोने का दुख और अनिश्चितता छा गई है।

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