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रिश्वत दो, फाइल क्लियर करो! हजारीबाग में मिड-डे मील ऑडिट के नाम पर बड़ा खेल, शिक्षकों से खुलेआम अवैध वसूली का आरोप 

Published: Wed, 16 Sep 2026 08:23 AM (IST)

हजारीबाग के चौपारण में मध्यान्ह भोजन योजना के सामाजिक अंकेक्षण के नाम पर शिक्षकों से कथित तौर पर अवैध वसूली ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. मध्यान्ह भोजन अंकेक्षण के नाम पर शिक्षकों से अवैध वसूली का आरोप।

  2. शिक्षकों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

संवाद सूत्र, चौपारण (हजारीबाग)। सरकारी विद्यालयों में संचालित मध्यान्ह भोजन योजना के वर्ष 2024-25 के सामाजिक अंकेक्षण के नाम पर शिक्षकों से कथित रूप से राशि वसूले जाने का मामला सामने आया है। मंगलवार को सामाजिक अंकेक्षण के लिए चौपारण बीआरसी परिसर पहुंचे शिक्षकों ने वहां राशि लिए जाने पर नाराजगी जताई और आपत्ति दर्ज कराई।

शिक्षकों का आरोप है कि सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया के दौरान प्राथमिक विद्यालयों से एक हजार रुपये तथा मध्य विद्यालयों से 1800 रुपये लिए गए। शिक्षकों के अनुसार राशि जमा करने के बाद ही अंकेक्षण से संबंधित कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही थी। अंकेक्षण के लिए पहुंचे दो लोगों द्वारा कथित रूप से राशि लेने के बाद विद्यालय के कागजात पर हस्ताक्षर और मुहर लगाने की बात भी सामने आई है।

शिक्षकों का कहना है कि राशि की कथित वसूली बीआरसी परिसर में ही खुलेआम की गई। दूरदराज के विद्यालयों से अंकेक्षण के लिए पहुंचे कई शिक्षकों ने दबाव में राशि जमा करने की बात कही। आरोप है कि नगद के अलावा फोन-पे और स्कैनर के माध्यम से भी भुगतान लिया गया। मामले को लेकर शिक्षकों में काफी आक्रोश देखा गया।

hazaribagh mid day audit

शिक्षकों ने सवाल उठाया कि यदि सामाजिक अंकेक्षण के लिए कोई निर्धारित शुल्क है, तो उसकी स्पष्ट जानकारी संबंधित विद्यालयों को दी जानी चाहिए और इसके लिए विभागीय आदेश भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए। बिना स्पष्ट आदेश के राशि लिए जाने पर शिक्षकों ने इसकी वैधता पर सवाल खड़े किए हैं।

प्रखंड में करीब 150 सरकारी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय संचालित हैं। ऐसे में अंकेक्षण के नाम पर राशि वसूले जाने के आरोप ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। शिक्षकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

इस संबंध में प्रभारी बीईईओ राकेश कुमार ने बताया कि मामले की शिकायत मिली है। इसकी जानकारी वरीय अधिकारियों को दी जाएगी और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। 

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