हजारीबाग पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, SP ने 587 हवलदार और सिपाहियों का किया तबादला
हजारीबाग पुलिस में 587 जवानों और हवलदारों का बड़े पैमाने पर तबादला किया गया है, जिसमें दो साल से अधिक ...और पढ़ें

हजारीबाग पुलिस में 587 जवानों-हवलदारों का तबादला।
HighLights
हजारीबाग पुलिस में 587 जवानों-हवलदारों का बड़े पैमाने पर तबादला।
दो साल से अधिक समय से तैनात पुलिसकर्मी बदले गए।
संवाद सूत्र, हजारीबाग। जिला पुलिस में लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात जवानों और हवलदारों के लिए पुलिस अधीक्षक ने बड़ा स्थानांतरण आदेश जारी किया है। एसपी कार्यालय के पत्रांक 2487 के माध्यम से जारी आदेश में कुल 587 जवानों और हवलदारों का तबादला किया गया है।
स्थानांतरण सूची में पुलिस अधीक्षक, उपायुक्त समेत अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा में तैनात बॉडीगार्ड भी शामिल हैं। आदेश के बाद स्थानांतरित पुलिसकर्मियों को जिले के अलग-अलग थाना, ओपी, पिकेट, एसएटी समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। कई जवानों को पुलिस लाइन में भी पदस्थापित किया गया है।
बताया जा रहा है कि दो साल से अधिक समय से एक ही स्थान पर तैनात पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण इस फेरबदल का प्रमुख आधार बनाया गया है। तबादला आदेश जारी होने के बाद कुछ जवानों में असंतोष भी देखने को मिल रहा है।
जवानों का कहना है कि पूर्व में उन्हें ऐसी जगहों पर तैनात किया गया था, जहां निर्धारित भत्ता या डीए का लाभ नहीं मिलता था। अब दोबारा इसी तरह की पोस्टिंग मिलने से उनकी आर्थिक परेशानी बढ़ सकती है। नाम नहीं छापने की शर्त पर कुछ जवानों ने बताया कि उन्होंने अपनी समस्या पुलिस संघ के पदाधिकारियों के समक्ष रखी है।
उनका कहना है कि स्थानांतरण के बाद ऐसी जगह पोस्टिंग मिली है, जहां उन्हें अतिरिक्त भत्ते का लाभ नहीं मिलेगा। इस संबंध में पुलिस संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि कई जवानों ने भत्ते और पोस्टिंग से जुड़ी अपनी समस्याओं से संघ को अवगत कराया है। संघ जल्द ही पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर जवानों की समस्याओं को उनके समक्ष रखेगा।
संघ का कहना है कि नियमों के दायरे में रहते हुए जवानों की वास्तविक समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा। इधर, 587 पुलिसकर्मियों के एक साथ स्थानांतरण के बाद अब नई जगहों पर योगदान की प्रक्रिया शुरू होगी। भत्ते और पोस्टिंग से जुड़ी शिकायतों को लेकर पुलिस प्रशासन और संघ के बीच होने वाली बातचीत पर भी जवानों की नजर बनी हुई है।
