हजारीबाग : विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। माहौल काफी रोमांचक हो चुका है। हजारीबाग विधानसभा क्षेत्र के वोटरों से दैनिक जागरण से हुई बातचीत में कई मुद्दे उभर कर सामने आए। जिसमें सबसे ज्यादा लोगों का फोकस शिक्षा, रोजगार व विकास को लेकर रहा। सभी का कहना था कि इस बार वोट झारखंड के लिए करना है। प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश ..

1. फोटो : 38, अरविद कुमार

चुनाव में शिक्षा भी बने मुद्दा : अरविद कुमार

विधानसभा क्षेत्र के अरविद कुमार बताते हैं कि अब समय बदल चुका है। तेजी से बदलती दुनिया में सर्वाधिक महत्व शिक्षा को ही दिया जाता है। ऐसे में हमारे राज्य में में विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय की स्थापना कैसे हो इसे लेकर भी राजनीतिक दलों को अपनी राय रखनी चाहिए। अब चुनाव में शिक्षा भी मुद्दा बनना चाहिए। अब चुनाव में शिक्षा व विकास जैसे मुद्दों पर ही वोटिग होनी चाहिए। शायद तक जाकर ही हमारा राज्य सही मायने में विकसित हो पाएगा।

2. फोटो : 39, इरशाद अजीज

आज दुनिया सिर्फ विकास की बात सोचती है : इरशाद अजीज

आज के समय में दुनिया सिर्फ विकास की बात सोचती है। विकास की राजनीति का सहारा लेकर देश में कई राज्यों ने अभूतपूर्व विकास किया है। यदि हमें भी विकास की दौड़ में पीछे नहीं रहना है, तो विकास की राजनीति को अपनाना होगा। तब जाकर ही हमारा राज्य भी विकसित राज्यों की श्रेणी में शुमार हो पाएगा। बेहतर होगा कि पुराने दकियानूसी ख्यालों को छोड़ दें। वोट उसे ही दें जो विकास की रौशनी फैलाए। हमारे जीवन स्तर को बदलने में सहायक सिद्ध हो।

3. फोटो : 40, विजय प्रताप

महिला सुरक्षा को राजनीतक दल साफ करें नीति : विजय प्रताप

पेशे से शिक्षक विजय प्रताप कहते हैं कि हमारे देश के नेता विकास की बात तो करते हैं, लेकिन हमारा समाज कैसे विकसित बन पाएगा, इसे लेकर संजीदा नहीं दिखते हैं। विगत दिनों हैदराबाद व रांची में महिलाओं के साथ हुए दुष्कर्म की घटनाएं अब भी हमारे समाज के अविकसित मानसिकता के ही द्योतक हैं। आखिर एक सभ्य समाज में इस प्रकार की घटनाओं की कोई जगह नहीं होती है। समय आ चुका है कि चुनाव में महिला सुरक्षा जैसे विषयों को भी समाहित किया जाए व ताकि लोग इसे लेकर वोट करें।

4. फोटो : 41, डा. रामगोपाल अग्रवाल

रेल सुविधा का हो विस्तार : डा. राम गोपाल अग्रवाल

शहर के मेन रोड स्थित गोकुलकायन के डॉ. राम गोपाल अग्रवाल कहते हैं कि आजादी के 72 वर्षों के बाद हजारीबाग सिर्फ कहने को देश के रेल मानचित्र से जुड़ पाया है। आज भी यहां से लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन नहीं किया जाता है। इस कारण लोगों को राज्य के बाहर कहीं आने-जाने के लिए रांची या कोडरमा जाकर ट्रेन पकड़ना पड़ता है। चुनाव में इन मुद्दों पर राजनीतिक दल अपनी स्थिति स्पष्ट करें। लोग भी इन बातों को संज्ञान में लेकर वोट करें। साथ ही बेरोजगारी को बड़ा मुद्दा बताते हुए इसे पलायन का बड़ा कारण बताया।

Posted By: Jagran

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