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हजारीबाग में जंगल के बीच स्कूल, 15 बच्चों में मिला सिर्फ एक छात्र; शौचालय और मध्याह्न भोजन बंद

Published: Fri, 23 Oct 2026 10:05 AM (IST)

हजारीबाग के कुटलुगुवा जंगल स्थित एक स्कूल में 15 नामांकित बच्चों में से केवल एक ही उपस्थित मिला, जो शिक्षा ...और पढ़ें

15 नामांकित बच्चों में से केवल एक उपस्थित मिला। जागरण

15 नामांकित बच्चों में से केवल एक उपस्थित मिला। जागरण

HighLights

  1. 15 नामांकित बच्चों में से केवल एक उपस्थित मिला।

  2. स्कूल में शौचालय बंद, मध्याह्न भोजन भी ठप।

संवाद सूत्र, हजारीबाग। शहर से महज 10 किलोमीटर दूर कटकमदाग थाना क्षेत्र की बेस पंचायत के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय कुटलुगुवा जंगल के बीच स्थित एक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली सामने आई है। विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई से लेकर बुनियादी सुविधाओं तक की स्थिति चिंताजनक है।

दैनिक जागरण की पड़ताल में पता चला कि विद्यालय में कुल 15 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन निरीक्षण के दौरान महज एक बच्चा ही पढ़ने पहुंचा था। विद्यालय में दो शिक्षक पदस्थापित हैं, इसके बावजूद बच्चों की बेहद कम उपस्थिति शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।

विद्यालय में चार कमरे हैं, लेकिन बच्चों की उपस्थिति इतनी कम है कि कक्षाओं में पढ़ाई का माहौल नहीं दिखता। विद्यालय परिसर में शौचालय तो है, लेकिन उस पर अक्सर ताला लटका रहता है। इससे बच्चों को शौचालय की सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं, मध्याह्न भोजन भी बंद है। ऐसे में विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ सरकार की ओर से मिलने वाली दूसरी जरूरी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।

चारदीवारी नहीं, बच्चों की सुरक्षा पर सवाल

विद्यालय जंगल के बीच स्थित होने के कारण यहां बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। परिसर में चारदीवारी नहीं होने से विद्यालय पूरी तरह खुला रहता है। ऐसे में बच्चों के लिए विद्यालय परिसर में सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना चुनौती बना हुआ है। अभिभावकों के मन में भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। विद्यालय परिसर की घेराबंदी नहीं होने का असर बच्चों की नियमित उपस्थिति पर भी पड़ सकता है।

शाम होते ही असामाजिक तत्वों का जमावड़ा

विद्यालय परिसर की सुरक्षा को लेकर एक और गंभीर समस्या सामने आई है। चारदीवारी नहीं होने के कारण शाम होते ही विद्यालय परिसर में शराबियों का जमावड़ा लगने की बात कही जा रही है। जिस परिसर में दिन में बच्चों की पढ़ाई होनी चाहिए।

वहां शाम के बाद असामाजिक गतिविधियों की आशंका शिक्षा व्यवस्था और विद्यालय की सुरक्षा दोनों पर सवाल खड़े करती है। विद्यालय परिसर को सुरक्षित रखने के लिए चारदीवारी का निर्माण और नियमित निगरानी जरूरी है।

त्योहार के कारण बच्चों की उपस्थिति कम होने की बात

विद्यालय की पारा शिक्षिका रोहिणी देवी ने बताया कि त्योहार का समय होने के कारण बच्चे स्कूल कम आ रहे हैं। पूजा के बाद विद्यालय खुला है, इसलिए बच्चों की उपस्थिति कम है। विद्यालय में रोहिणी देवी के अलावा नितेश मिश्रा भी शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। हालांकि, नामांकित 15 बच्चों में से निरीक्षण के दौरान केवल एक बच्चे की उपस्थिति ने विद्यालय में नियमित पठन-पाठन की स्थिति पर सवाल खड़ा किया है। 

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