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‘लंगड़ा हिंदी में समझाना पड़ेगा क्या?’ खास महल जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम से भिड़े पूर्व मंत्री योगेंद्र साव

Published: Sat, 19 Sep 2026 08:37 AM (IST)

हजारीबाग के हुरहुरू में खास महल की जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के ...और पढ़ें

पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने प्रशासनिक कार्रवाई का किया विरोध। जागरण

पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने प्रशासनिक कार्रवाई का किया विरोध। जागरण

HighLights

  1. हजारीबाग में खास महल की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया।

  2. पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध किया।

संवाद सूत्र, हजारीबाग। हुरहुरू स्थित खास महल की जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को शुक्रवार को पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के विरोध का सामना करना पड़ा। सदर अंचलाधिकारी सह खास महल पदाधिकारी आशुतोष कुमार पुलिस बल के साथ जेसीबी लेकर कार्रवाई करने पहुंचे थे।

प्रशासन के अनुसार, संबंधित जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत के बाद पूर्व में भी कई बार कार्रवाई का प्रयास किया जा चुका है। शुक्रवार को पांचवीं बार प्रशासनिक टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची। कार्रवाई के दौरान पूर्व मंत्री भी मौके पर पहुंच गए और जेसीबी रोकने का प्रयास किया। इसे लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और पूर्व मंत्री के बीच करीब चार घंटे तक तीखी नोकझोंक होती रही।

जेसीबी से सड़क और गौशाला का शेड हटाया

प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। जेसीबी से खास महल की जमीन पर बनाई गई पीसीसी सड़क और गौशाला के शेड को हटाने का काम शुरू हुआ। कार्रवाई आगे बढ़ने के साथ ही पूर्व मंत्री और अधिकारियों के बीच बहस तेज हो गई। पूर्व मंत्री लगातार कार्रवाई रोकने की मांग करते रहे और अधिकारियों से वरीय पदाधिकारी के आदेश की प्रति दिखाने को कहते रहे।

‘सीओ साहब, लंगड़ा हिंदी में समझाना पड़ेगा क्या’

कार्रवाई के दौरान पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने सदर सीओ आशुतोष कुमार को संबोधित करते हुए कहा, ‘आप मजिस्ट्रेट नहीं हैं, छोटे अफसर हैं। बड़े अफसर के आदेश की प्रति लेकर आइए।’ इसी दौरान उन्होंने कहा, ‘सीओ साहब, लंगड़ा हिंदी में समझाना पड़ेगा क्या।’ उन्होंने कहा कि वह 34 वर्षों से राजनीति कर रहे हैं और उन्हें कानून की जानकारी है।

पूर्व मंत्री ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस जमीन पर कार्रवाई की जा रही है, वह सरकारी जमीन नहीं है। उनका दावा था कि जमीन वर्षों से पुश्तैनी है और उन्होंने जमीन मालिक से पावर लिया हुआ है। उन्होंने कहा कि जमीन का अब तक रिज्यूमेशन नहीं हुआ है। कार्रवाई का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्हें कुछ भी करना पड़े, वह जमीन नहीं छोड़ेंगे।

जेसीबी ऑपरेटर को भी कार्रवाई रोकने को कहा

अतिक्रमण हटाने के दौरान पूर्व मंत्री ने जेसीबी ऑपरेटर को भी कई बार कार्रवाई रोकने के लिए कहा। उन्होंने ऑपरेटर से जेसीबी लेकर वहां से निकल जाने को कहा। इसको लेकर मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और पूर्व मंत्री के बीच कई बार तीखी बहस हुई। हालांकि पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन ने कार्रवाई जारी रखी।

पीसीसी सड़क व गौशाला का शेड तोड़ा

प्रशासन के अनुसार, खास महल की जमीन पर करीब दस फीट लंबी पीसीसी सड़क बनाई गई थी। इसके अलावा जमीन के एक हिस्से में गौशाला बनाकर शेड और घेराबंदी की गई थी। जेसीबी के माध्यम से इन निर्माणों को हटाया गया। अभियान के दौरान सड़क और गौशाला के शेड का आधे से अधिक हिस्सा तोड़े जाने की बात प्रशासन ने कही।

सीओ बोले- सरकारी जमीन पर अतिक्रमण नहीं होने देंगे

सदर अंचलाधिकारी सह खास महल पदाधिकारी आशुतोष कुमार ने कहा कि संबंधित जमीन खास महल की सरकारी भूमि है। अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन पूर्व में भी कई बार मौके पर पहुंच चुका है। शुक्रवार को पांचवीं बार कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी परिस्थिति में अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा।

सीओ ने कहा कि सरकारी भूमि पर कब्जा या निर्माण करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। संबंधित लोगों से सरकारी जमीन से स्वयं अतिक्रमण हटाने की अपील की गई है। दोबारा कब्जा या निर्माण का प्रयास किए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 

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