हजारीबाग : सदर प्रखंड के मोरांगी स्थित हत्यारी मोड़ में रविवार को पारंपरिक आदिवासी जतरा मेला का आयोजन किया गया। सरना समिति द्वारा आयोजित जतरा मेला में हजारों लोग पदमश्री मुकूंद नायक के लोग गीतों पर जमकर झूमे। सदर विधायक मनीष जायसवाल, भाजपा नेता प्रदीप प्रसाद सहित सैकड़ों भाजपाई भी इस आयोजन के साझीदार बने। बतौर अतिथि श्री जायसवाल, प्रदीप प्रसाद, भाजपा जिला अध्यक्ष टुन्नू गोप, भैया अभिमन्यु प्रसाद, हरीश श्रीवास्तव, प्रसिद्द लोकगायक झारखंड रत्न से सम्मानित मुकुंद नायक, सरना समिति अध्यक्ष महेंद्र बेंक सहित अन्य लोगों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर व दीप - प्रज्वलित कर जतरा मेला का प्रारंभ किया। मौके पर मेला में समिति द्वारा अतिथियों का झारखंडी रीती- रिवाज से भव्य स्वागत किया गया। सभी को हरे रंग का पगड़ी बांधकर और फुल माला पहनाकर स्वागत किया गया। प्रारंभ सरना स्थल पर पूजा- अर्चना से हुई। पाहन ने सरना झंडा गाड़ा । साल के वृक्षों पर हरे रंग का रक्षा- सूत्र बांधकर पर्यावरण संरक्षण की कसम सबको दिलाई। इसके बाद शुरु हुआ जतरा मेला में सबाब मुकुंद नायक गीतों के आवाज के साथ हुई। नगाड़ों, बांसुरी व मांदर की थाप के बीच उपस्थित आदिवासी समाज के श्रद्धालुओं संग सदर विधायक मनीष जायसवाल सहित अन्य अतिथि जमकर थिरके। जतरा मेला की सतरंगी छटा व महिला- पुरुषों के थिरकते पावों की झंकार लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मांदर की थाप और नगाड़ों की गड़गड़ाहट से पूरा हत्यारी गुंजता रहा। सैकड़ों लोग इसे देखने और साथ में झूमने पहुंचे थे। जतरा मेला को विधायक ने संबोधित किया। कहा झारखंडी संस्कृति व विरासत हम सबों की पहचान है। उन्होंने कहा की जल, जंगल और जमीं से जुड़े आदिवासी समुदाय का अपना एक अलग पारंपारिक रीती- रिवाज है। प्रदीप प्रसाद ने कहा कि खेती- बारी के कार्यों से निपटने के बाद मन को सुकून और शरीर का थकान दूर करने हेतु उल्लास और उमंग के साथ जतरा मेला का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा की यह जतरा मेला जहाँ मनोरंजन का माध्यम है हीं नहीं अपनी पारंपरिक संस्कृति को जीवंत रखने का एक वृहत माध्यम भी है ।

Posted By: Jagran

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