जागरण संवाददाता, हजारीबाग : सिगल यूज प्लास्टिक को सड़क निर्माण का विकल्प बनाने को लेकर मंगलवार को एनएचएआइ ने बड़ी पहल की है। एनएचएआइ हजारीबाग के प्रोजेक्ट निदेशक पीसी काहिली के नेतृत्व में पहली बार प्लास्टिक कचरे का इस्तेमाल सड़क निर्माण में किया गया। इचाक में एनएच 33 पर करीब 300 मीटर सड़क बनाई गई, जिसमें 800 केजी प्लास्टिक का इस्तेमाल किया गया है। जांच के बाद सड़क सभी मानकों पर भी खरी उतरी। निर्माण के दौरान जरूरी तापमान समेत अन्य मापदंड का विशेष ध्यान रखा गया। इस सड़क पर मंगलवार देर रात से गाड़ियां दौड़ने लगेंगी, इस परीक्षण में सड़क के खरा उतरने पर इसे पूरी परियोजना में लागू किया जाएगा। सड़क निर्माण के दौरान इंजीनियरों की टीम यहां मौजूद थी। ज्ञात हो कि वर्तमान में हजारीबाग-बरही एनएच 33 फोरलेन का निर्माण कार्य चल रहा है।

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हॉट मिक्स प्लांट में तैयार हुई सामग्री

एनएच 33 सड़क निर्माण कर रही एजेंसी रामकी के हॉट मिक्स प्लांट में सड़क निर्माण की सामग्री तैयार की गई। सफाई-धुलाई के बाद प्लास्टिक के छोटे-छोटे टुकड़े किए गए फिर इसे मशीन में डाला गया। निर्धारित तापमान में सामग्री को डालने के बाद स्टोन चिप्स में प्लास्टिक कवर की कोटिंग जम गई थी। यहां से सामग्री बनाने के बाद इसे सड़क निर्माण स्थल ले जाकर इस्तेमाल किया गया। इस्तेमाल किया गया प्लास्टिक सफाई अभियान के दौरान एनएचएआइ ने जमा किया था। साथ ही अब पूरे राज्य से प्लास्टिक जमा करने की योजना बनाई गई है।

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पहली बार सिगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल सड़क निर्माण में किया गया है। सड़क अभी सभी मानकों में खरी उतरी है। वाहनों के परिचालन के बाद इस स्ट्रेच की समीक्षा की जाएगी। यहां भी मानक पर खरा उतरने के बाद इसे पूरी परियोजना में लागू करने की योजना है। प्लास्टिक से बनी सड़क पर खर्च भी कम आएगा। साथ ही पानी का असर भी इसपर काफी कम होगा। पीसी काहिली, प्रोजेक्ट निदेशक, एनएचएआइ हजारीबाग

Posted By: Jagran

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