आसमान से हुई फसलों की सुरक्षा, हजारीबाग में ड्रोन से धान की फसल पर हुआ कीटनाशक का छिड़काव
हजारीबाग में धान की फसल को कीटों एवं बीमारियों से बचाने के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग शुरू किया गया ...और पढ़ें

आसमान से हुई फसलों की सुरक्षा
HighLights
हजारीबाग में धान की फसल पर ड्रोन से कीटनाशक छिड़काव शुरू।
यह तकनीक कीट एवं व्याधि से फसल को बचाने में सहायक।
ड्रोन से श्रम और समय दोनों की बचत होती है किसानों की।
संवाद सूत्र, इचाक (हजारीबाग)। बदलती कृषि तकनीक के बीच अब धान की फसल को कीट एवं व्याधि से बचाने के लिए ड्रोन तकनीक का प्रयोग शुरू किया गया है। उपायुक्त के निर्देशानुसार जिले के तीन प्रखंडों में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक एवं पौधा संरक्षण दवाओं के छिड़काव का प्रत्यक्षण कराया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को इचाक प्रखंड की बोगा पंचायत में कृषक प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त की मौजूदगी में आईसीएआर गोरिया करमा के वरीय वैज्ञानिक डॉ. पंकज कुमार सिंह ने ड्रोन के माध्यम से धान की फसल में पौधा संरक्षण दवा का छिड़काव कर किसानों को इसकी कार्यप्रणाली समझाई।
श्रम और समय दोनों की बचत
ड्रोन के खेत के ऊपर उड़ान भरते ही किसानों की नजरें उस पर टिक गईं। कुछ ही समय में ड्रोन ने निर्धारित क्षेत्र में दवा का छिड़काव पूरा कर दिया। किसानों को बताया गया कि इस तकनीक से कम समय में बड़े क्षेत्र में समान रूप से दवा का छिड़काव किया जा सकता है। इससे श्रम और समय दोनों की बचत होती है तथा खेत में प्रवेश किए बिना फसल का उपचार संभव हो पाता है।
परियोजना निदेशक आत्मा शुभंकर गुप्ता ने बताया कि जिले में इस वर्ष धान का अच्छादन करीब 90 प्रतिशत है। वर्तमान में कई क्षेत्रों में धान की फसल में कीट एवं व्याधि का प्रकोप देखा जा रहा है। ऐसे समय में ड्रोन तकनीक किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
अधिक क्षेत्र में पौधा संरक्षण दवा का छिड़काव
कम समय में अधिक क्षेत्र में पौधा संरक्षण दवा का छिड़काव होने से फसल को नुकसान से बचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि कृषि में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसानों को इसका प्रत्यक्ष प्रशिक्षण और जानकारी दी जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने ड्रोन के संचालन, दवा की मात्रा, छिड़काव की क्षमता और उपयोग के तरीके से संबंधित जानकारी ली। अधिकारियों और वैज्ञानिकों ने किसानों के सवालों का जवाब देते हुए तकनीक के सुरक्षित और उचित उपयोग की जानकारी दी।
मौके पर मुखिया उमेश प्रसाद मेहता, पंचायत समिति प्रतिनिधि मुरली मेहता, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक पुष्पा कुमारी, सहायक तकनीकी प्रबंधक सुशील कुमार राम, कृषक मित्र संघ के प्रखंड अध्यक्ष दिगंबर कुमार मेहता समेत दर्जनों किसान उपस्थित थे।
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