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20-20 वार्डो के एनआइसीयू एवं पीआइसीयू वार्ड बनाने की तैयारी तेज संवाद सहयोगी

हजारीबाग : वैश्विक महामारी कोविड 19 की दूसरी लहर ने हमारे स्वास्थ्य ढांचा की पोल खोलने खोल कर रख दी है। आक्सीजन प्लांट सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं एवं उपकरणों की कमी के कारण लोगों को सही ढंग से इलाज मुहैया नहीं हो पाया। इस कारण कई लोगों की जान चली गई। अब विशेषज्ञों द्वारा कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में बड़ों की अपेक्षा बच्चों के संक्रमित होने की संभावना जाहिर की जा रही है। ऐसे में समय रहते स्वास्थ्य ढांचा को दुरूस्त करने की कवायद में स्वास्थ्य विभाग जुट गया है। इस क्रम में मेडिकल कालेज अस्पताल में बच्चों के लिए नए वार्ड बनाए जा रहे हैं। साथ ही आवश्यक उपकरणों एवं सामग्रियों की खरीदारी की जा रही है।

20-20 बेड का एनआइसीयू एवं पीआइसीयू बनाया जा रहा

मिली जानकारी के मुताबिक कोरोना की संभावित तीसरी लहर में बच्चों के अधिक संख्या में संक्रमित होने को लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में तैयारियां जोरों पर है। अस्पताल के नवनिर्मित भवन के तीसरे तल्ले में शून्य से 28 दिनों की आयु के बच्चों के लिए नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट एवं 28 दिनों से अधिक की आयु के बच्चों के पेडियाट्रिक इंटेंसीव केयर यूनिट का निर्माण किया जा रहा है। दोनों ही वार्ड में 20-20 बेड की व्यवस्था होगी। वहीं इन आइसीयू में सभी अत्याधुनिक उपकरणों की स्थापना भी की जाएगी। जबकि अस्पताल में पूर्व से संचालित शिशु वार्ड में भी वाल पेंटिग्स का कार्य कराया जा रहा है। ताकि संक्रमित होने पर भर्ती होनेवाले बच्चों को अस्पताल में भी घर के जैसा सुंदर वातावरण उपलब्ध हो सके। गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में बच्चों के लिए 20 बेड का शिशु वार्ड एवं नवजातों के लिए 12 बेड का एसएनसीयू संचालित है।