चौपारण(हजारीबाग): नशे के सौदागरों ने प्रखंड के सुदूरवर्ती जंगली इलाकों में बड़े पैमाने पर पोस्ते की खेती की जा रही है। बीते कई सालों से लगातार जारी नशे के सौदागरों का यह बड़ा खेल जारी है। चतरा की नजदीकी, जंगलों की सघनता व अति उग्रवाद प्रभावित इलाकों में पुलिस की गैर मौजूदगी के कारण अफीम की खेती काफी बड़े पैमाने पर क्षेत्र में की जा रही थी। ऐसे में जिला पुलिस कप्तान के निर्देश पर स्थानीय थाना व वन विभाग के कर्मियों ने संयुक्त कार्रवाई कर गौतम बुद्धा वन प्राणी आश्रयणी क्षेत्र के लगभग 10 एकड़ भूमि पर ग्राम दुरागढा और मोरनियं में लगी अफीम की खेती को नष्ट किया है। खेतों में अफीम की खेती लहलहा रही थी। हालांकि सूचना है कि काफी बड़ी मात्रा में फसल पहले ही काट कर बेच भी दिया गया। अभी भी क्षेत्र में कई गांव में फसल खड़ा है। कार्रवाई में थाना प्रभारी विनोद तिर्की, आनंद बिहारी सिंह सहित फॉरेस्टर अनिल रमन व बड़ी संख्या में पुलिस बल के जवान लगे थे। आश्रयणी क्षेत्र का हो रहा गलत इस्तेमाल

गौतम बुद्ध वन प्राणी आश्रयणी क्षेत्र के अति सुदूर जंगली इलाकों में लगातार अवैध कामों का दौर जारी है। दुरागढा,मोरनियां, जमुनिया तरी, ढोढिया सहित कई गांव के जंगली इलाकों में अफीम की खेती की गई है। बिहार से नजदीकी, उग्रवादियों की धमक के वजह से सुरक्षा के कारणों के लिहाज से वन विभाग तथा पुलिस के लोग जंगल के अंदर इसे में नहीं जाते हैं जिस वजह से तस्करों का बड़ा नेटवर्क अफीम की तस्करी को जारी रखा है।

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