हजारीबाग : बहोरनपुर के इटवा टिल्हा में जैसे जैसे खोदाई का कार्य आगे बढ़ता जा रहा है, ²ष्टिगोचर हो रही प्रतिमाओं की संख्या भी बढ़ने लगी है। पिछले दो दिनों में अबतक इटवा टिल्हा में पांच प्रतिमाएं ²ष्टिगोचर हो चुकी है। ये सभी पांच प्रतिमाएं भगवान बुद्ध की विभिन्न मुद्राओं में है और एक दूसरे की बीच की दूसरी पांच फिट की है। एक हीं स्थान पर पांच प्रतिमाएं मिलने के बाद पुरातात्विक विभाग के पदाधिकारियों के आंखों में भी चमक आ गई है। वहीं प्रतिमा मिलने की खबर फैलते हीं पुरातात्विक स्थल पर लोगों की भीड़ भी बढ़ने लगी है। रविवार को छुट्टी के दिन लोगों की भीड़ भी अन्य दिनों से अपेक्षा बहुत ज्यादा रही। विभावि के भूगर्भशास्त्र के विद्यार्थी भी रविवार को टोली बनाकर खोदाई स्थल पर मिले प्रतिमाओं का निरीक्षण करने पहुंचे थे। वहीं दूसरी रविवार को हजारीबाग खोदाई परियोजना के निदेशक राजेंद्र देवरी भी प्रतिमा मिलने की सूचना पर खोदाई स्थल पहुंचे। कार्य का जायजा लिया और आवश्यक दिशा निर्देश भी जारी किए। राजेंद्र देवरी करीब तीन घंटे तक खोदाई स्थल पर रहे , हर एक कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया और संभावना पर मौके पर मौजूद डा. नीरज व बीरेंद्र से चर्चा कर अद्यतन जानकारी ली।

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सैंड स्टोन की है प्रतिमा, एक सप्ताह बाद सतह पर पूर्ण रूप में दिखेगी प्रतिमा

पुरातात्विक विभाग के डा. बीरेंद्र ने बताया कि पांचों प्रतिमाएं प्रथम ²ष्टया सैंड स्टोन की बनी दिखाई दे रही है। इनकी लंबाई और चौड़ाई कितनी है यह एक सप्ताह बाद बता सकते है, जब वे पूरी तरह सतह पर पूर्ण रूप से दिखाई देंगे। बताया कि हजारीबाग में क्षेत्र में सैंड स्टोन नहीं मिलते है। वहीं चतरा के ईटखोरी में भी प्राप्त प्रतिमाएं सैंड स्टोन की है। ऐसे में यह कयास लगाया जा सकता है कि इसे कहीं और से तराशकर लाया गया होगा। हालांकि पूर्ण जानकारी प्रतिमा बाहर आने और जांच के बाद हीं देने को कहा।

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एक के उपर एक स्थापित है प्रतिमाएं, साइट पर म्यूजियम का हो निर्माण : मुखिया

हर दिन कार्य का निरीक्षण और खोदाई टीम को कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग कर रहे गुरहेत मुखिया महेश तिग्गा ने बताया कि इटवा टिल्हा की सामान्य उंचाई जमीन से करीब 20 फिट है। बताया खोदाई स्थल पर प्रतिमाएं एक हीं स्थान पर एक के उपर एक स्थापित किए गए है । इसके कई कारण और मायने है, जो पुरातात्विक विभाग हीं बता पाएंगे। परंतु वे सरकार और मुखिया से खोदाई स्थल पर हीं साईट म्यूजियम स्थापित करने की मांग की। कहा कि इस बाबत वे सरकार से इसकी मांग करेंगे और आवश्यकता पड़ा तो इसके लिए जनादोंलन भी करने से पीछे नहीं हटेंगे। ज्ञात हो मुखिया महेश ने हीं अपने घर में पूर्व में बिखरे पड़े अवशेषों को समेटकर रखा था।

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