जासं, हजारीबाग : सूचना भवन सभागार में उपायुक्त डॉ. भुवनेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को विशेष सहायता योजनान्तर्गत जिलास्तरीय समिति की बैठक हुई। अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने कहा लॉकडाउन में महानगरों व बाहर से आए अकुशल प्रवासियों को श्रमिकों के रूप में संवेदक को रोजगार मुहैया करवाना है। यह सम्बंधित विभागों के कार्यपालक अभियंता सुनिश्चित कराएं, साथ ही निर्माण कार्य में बिना अनुमति जेसीबी का उपयोग न हो यह भी सुनिश्चित करें। विशेष परिस्थिति में ही सक्षम प्राधिकार से अनुमति के बाद ही बाहर के श्रमिकों से काम लिया जा सकता है। कहा की आने वाले 125 दिनों में कितने किलोमीटर सड़क, पूल-पुलिया, नए भवन, आंगनबाड़ी केन्द्र बना सकते हैं, इसकी सूची विस्तृत कार्ययोजना के साथ प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। वन विभाग की ओर से विकास योजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण संबंधी समस्याओं को समन्वय बना निस्तारण करने सहित वन क्षेत्र के रेंजर्स को अनावश्यक बाधक न बनने को कहा। कार्यपालक अभियंता की ओर से उपायुक्त को बताया गया कि विभाग स्तर से नए शेडयूल की दर निर्धारण का कार्य प्रक्रियाधीन है, साथ ही नया टेन्डर करने पर अस्थाई रोक लगी हुई है। इस पर उपायुक्त ने कहा विशेष परिस्थिति में अनुमति ले कर वर्तमान रेट पर ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करें। बाद में नया निर्धारित दर आने पर उस दर से भुगतान किया जाएगा।

निर्माणाधीन अधूरे काम में तेजी लाते हुए 120 दिनों में पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने पुराने व जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों को डीएमएफटी के माध्यम से मरम्मत करने की बात कही। श्रम विभाग को निदेश दिया कि सूचीबद्ध किए गए अकुशल श्रमिकों की सूची सभी कार्यपालक अभियंता को उपलब्ध कराएं। पशुपालन, मुर्गी, बकरी पालन से रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए सखी मंडलों को जोड़ शेड निर्माण, ऋण की उपलब्धता, अनुदानित दर पर गाय, चूजा, बकरी उपलब्ध कराने को तेजी लाने के लिए कहा। साथ ही अन्य सभी विभागों को सक्रिय हो रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए निर्देशित किया।

Posted By: Jagran

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