संवाद सूत्र टाटीझरिया (हजारीबाग) : टाटीझरिया प्रखंड के खैरा पंचायत में सरकारी राशि के गबन के मामले में गुरुवार देर शाम इचाक थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उपायुक्त के आदेश के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर दैनिक जागरण ने दो जुलाई के अंक में खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होने के तत्काल बाद ही प्रखंड प्रशासन ने इचाक थाने में आवेदन देकर मामला दर्ज करा दिया है। प्राथमिकी में सात नामजद आरोपित हैं। इसमें मुख्य आरोपी खैरा के रोजगार सेवक कृष्ण कुमार और इचाक प्रखंड के रोजगार सेवक अमित कुमार सिंह के अलावा तत्कालीन बीपीओ सुनील कुमार मेहता, सहायक अभियंता मनरेगा मनीष चंद्र, कनीय अभियंता मनरेगा धनेश्वर महतो, मुखिया खैरा पंचायत सरिता देवी, पंचायत सेवक महावीर यादव शामिल हैं। इनके विरुद्ध इचाक थाना में कांड संख्या 129/20, धारा 406,408,409 और 420 भादवि के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। बताते चलें कि मनरेगा के तहत 35 डोभा और तालाब निर्माण कार्य 2016-17 और 2017-18 में हुआ था। रोजगार सेवक कृष्ण कुमार और उनके सहयोगियों द्वारा 18 लाख 77 हजार 250 रुपये का हेराफेरी की गई थी, जिसका पर्दाफाश हुआ डीसी भुवनेश प्रताप सिंह के आदेश के आलोक में बीडीओ शाईनी तिग्गा ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। हालांकि गबन के दौरान बीपीओ के रुप में सुनील कुमार मेहता और परवेज आलम दोनों ही प्रभार में अलग -अलग समय में थे। इनमें आलम का नाम छूटने से भी कई लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहें हैं। बहरहाल बीपीओ के प्रभार का मामला भी अलग से जांच का विषय हो सकता है। बताया गया है कि इन्होंने गबन की राशि में लगभग 14 लाख रुपये जमा कर चुके हैं।

Posted By: Jagran

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