संसू, बरही : बरही-गया रोड स्थित भामाशाह सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में शिशु वाटिका का छह दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण वर्ग का समापन हुआ। प्रशिक्षण वर्ग में हजारीबाग जिला समेत कोडरमा, चतरा व गिरिडीह के सभी संकुल से 150 आचार्यो को प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण वर्ग 24-29 जून तक आयोजित किया गया। प्रशिक्षण वर्ग पांच सत्रों में विभाजित था। क्रियाकलाप के अंतर्गत विभिन्न प्रकार की वस्तुओं जिसमें दाल, कंकड़ पत्थर, पेड़ की पत्तियों, रद्दी कागज आदि के माध्यम से विभिन्न प्रकार की आकृति बनाई गई। क्रियाकलाप के अंतर्गत ही मोती गुथना, चीनी, नमक घुलनशील पदार्थों के बारे में बच्चों को जानकारी देना आदि शामिल है। खेल के माध्यम से बच्चों के शारीरिक विकास पर जोर दिया गया। वाचन माला के अंतर्गत वाटिका के भैया बहनों को चित्र के माध्यम से अक्षर ज्ञान कैसे कराया जाए सुंदर लिखावट एवं शब्दों के उच्चारण पर विशेष ध्यान दिया गया। वाचन माला में विद्या विकास समिति झारखंड के ओंकार प्रसाद सिन्हा, उत्तर पूर्व क्षेत्र प्रमुख मंजू श्रीवास्तव का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इन गतिविधियों के संचालन में गुडविल सिंह, राखी कुमारी, अंशु कुमारी, नेहा मिश्रा, पुष्पलता कुमारी, प्रियंका भारती,य अमृता देवनाथ आदि का सराहनीय सहयोग रहा। उदघाटन सत्र में संजीव कुमार सिन्हा, प्रधानाचार्य गिरिडीह, पवन कुमार दास प्रधानाचार्य चतरा, शिव बालक सिंह प्रधानाचार्य हजारीबाग, मृत्युंजय सहायक प्रधानाचार्य, कैलाश राय सरस्वती विद्या मंदिर कोडरमा, उमेश प्रसाद प्रधानाचार्य शिवतारा झुमरी तिलैया, विद्युत प्रकाश सेनापति गोमो, संध्या कुमारी मदन गुंडी उपस्थित थे। समापन सत्र में मुकेश नंदन प्रदेश सचिव विद्या विकास समिति झारखंड ने कहा कि कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षा बेहतर विकल्प है। शिशु वाटिका प्रशिक्षण वर्ग रेशमी कुमारी, शिशु वाटिका विभाग प्रमुख हजारीबाग, ओमप्रकाश सिन्हा, शिशु वाटिका संरक्षक विद्या विकास समिति झारखंड, अंजू श्रीवास्तव क्षेत्र प्रमुख, अरुण कुमार चौधरी प्रधानाचार्य भामाशाह सरस्वती विद्या मंदिर बरही, संजीव कुमार सिन्हा प्रधानाचार्य विद्या मंदिर गिरिडीह के देख रेख हुआ में संपन्न हुआ।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस