हजारीबाग : जिला बार संघ ने प्रेस वार्ता कर सरकार पर बार के अस्मिता के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। जिलाध्यक्ष मिथलेश कुमार मन्ने, सचिव हीरालाल साहा व राज्य बार सदस्य राजकुमार राजू ने एक स्वर में कहा कि झामुमो के घोषणापत्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के चारों प्रमंडलीय मुख्यालय में हाई कोर्ट बेंच बनाने की घोषणा की थी। इसके साथ इसे उप राजधानी का भी दर्जा देने घोषणा की। अब जब सरकार बन गई है और वायदे के मुताबिक हजारीबाग प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले आधे से ज्यादा सीटों पर झामुमो और उसके साथ की पार्टी चुनाव जीत गई है तो सरकार अपने ही वायदे पर से पलट रही है। राज्य बार सदस्य राजकुमार राजू ने बताया कि हर ²ष्टि से हजारीबाग हाईकोर्ट के बेंच के लिए उपयुक्त है, लेकिन इसे गिरिडीह में बनाने की घोषणा सरकार कर रही है। यह अव्यवहारिक है। बार संघ इस निर्णय के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन करेगी। जिलाध्यक्ष मिथलेश कुमार मन्ने ने बताया कि हम गिरिडीह में बेंच बनने का विरोध नहीं कर रहे है, हम हजारीबाग में नहीं बनाए जाने पर जवाब मांग रहे हैं। बताया कि इसके लिए पूरा हजारीबाग सड़क पर उतरेगा और अगले सप्ताह से हमारा विरोध शुरु हो जाएगा। पूर्व में भी बार ने जनहित के मुद्दे पर अपनी राय स्पष्ट की है। इस बार भी जनहीत का मुद्दा है, जिसे लेकर हम सड़क से सदन तक अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

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पलामू की घटना निदनीय, ना हो पुनरावृति : सचिव

पलामू में अधिवक्ता के साथ हुई मारपीट की घटना को बार संघ की ओर से निदा की गई। सचिव हीरालाल साहा ने बताया कि पलामू की घटना निदंनीय है। हड़ताल के माध्यम से हमारा संदेश है कि इस तरह की पुनरावृति न हो। बताया कि बुधवार से बार में कार्य सुचारु रुप से संचालित होगा। मंगलवार को घटना के विरोध में अधिवक्ता कलमबद्ध हड़ताल पर रहे।

Posted By: Jagran

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