हजारीबाग : हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आउटसोर्सिंग के तहत कार्य कर रहे ड्रेसर व वार्ड बॉय आज से हड़ताल पर जा सकते हैं। इसे लेकर आउटसोर्सिंग कर्मियों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर बकाए मानदेय का भुगतान कराने की मांग की है। ज्ञातव्य है कि वर्तमान में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में नियमित ड्रेसर व वार्ड बॉय की घोर कमी है। इस कारण आउटसोर्सिंग के माध्यम से अस्पताल में कुल 44 कर्मियों की सेवा ली जा रही है।

जानकारी के मुताबिक मेडिकल कॉलेज अस्पताल में विगत कई वर्षों से आउटसोर्सिंग के माध्यम से ड्रेसर व वार्ड बॉय की सेवा ली जा रही थी। उपायुक्त को सौंपे आवेदन में आउटसोर्सिंग के कर्मियों ने आरोप लगाया है कि कुछ माह पूर्व तक आउटसोर्सिंग का कार्य करनेवाले शिवा प्रोटेक्शन प्राईवेट लिमिटेड के पास उनलोगों का 40 दिनों का मानदेय बकाया है। वहीं शिवा प्रोटेक्शन प्राईवेट लिमिटेड के बाद आउटसोर्सिंग का कार्य संभालनेवाली कमांडो इंस्ट्रियल सिक्योरिटीज फोर्स के माध्यम से विगत अप्रैल माह से कार्य लिया जा रहा है। लेकिन, अस्पताल प्रबंधन से भुगतान नहीं होने की बात कहकर उनलोगों को मात्र 3,000 रुपये मानदेय का भुगतान ही किया जाता है। वहीं जनवरी माह का मानदेय अब तक नहीं भुगतान किया गया है। साथ ही बताया कि उपयुक्त तथ्यों से पूर्व में सिविल सर्जन एवं उपाधीक्षक को भी अवगत कराया गया था, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण उनलोगों के बकाया मानदेय का भुगतान नहीं हो पाया।

चरमरा जाएगी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्था

जानकारी के मुताबिक मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ड्रेसर व वार्ड बॉय का कार्य करनेवाले नियमित कर्मियों की संख्या काफी कम है। ऐसे में 44 आउटसोर्सिंग के कर्मियों के माध्यम से ही अस्पताल की व्यवस्था को सुचारू ढंग से चलाया जाता था। लेकिन आउटसोर्सिंग कर्मियों के हड़ताल के कारण निश्चित तौर पर अस्पताल की व्यवस्था चरमरा जाएगी।

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सामुदायिक अस्पताल बरकट्ठा में आउटसोर्सिंग कर्मियों का हड़ताल

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संवाद सूत्र बरकट्ठा : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरकट्ठा में आउटसोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मचारियों के बकाया मानदेय भुगतान को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से चरमरा गई है। आउटसोर्सिंग कर्मियों का कहना है कि उन्हें विगत सात माह से मानदेय का भुगतान नहीं किए जाने से उनके लिए परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। ज्ञातव्य है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ड्रेसर व वार्ड बॉय का कार्य आउटसोर्सिंग कर्मियों के के माध्यम से लिया जाता है। साथ ही आउटसोर्सिंग कर्मियों ने सरकारी दर के मुताबिक भुगतान नहीं किए जाने का आरोप भी लगाया है। ज्ञातव्य है कि सामुदायिक अस्पताल में एक भी नियमित ड्रेसर नहीं है। वहीं अस्पताल के जीटी रोड किनारे अवस्थित होने से प्राय: सड़क हादसे के मामले आते रहते हैं। ड्रेसरों के हड़ताल का सीधा प्रभाव घायलों पर होगा।

Posted By: Jagran

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