हजारीबाग : 14 सितंबर 2018 को अपहरण के बाद हत्या कर देने के बाद भी शंभू के हत्यारे खुलेआम घूम रहे है जबकि मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए एक ही मामले में दो प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी। पहली प्राथमिकी हमले में घायल संजय कुमार के फर्द बयान पर जानलेवा हमला हुआ। वहीं दूसरी प्राथमिकी कटकमदाग में मृतक शंभु राणा की पत्नी के बयान पर दर्ज की गई थी। पूरे मामले में पुलिस की लापरवाही से खुलेआम घूम रहे अपराधियों को लेकर परिजनों ने सीएम हेमंत सोरेन को ट्वीट कर सहायता मांगी है। सीएम ने ट्वीट के माध्यम से पूरे मामले पर एसपी हजारीबाग को कार्रवाई का आदेश दिया है। तब जाकर पुलिस हरकत में आई। इधर सीएम के ट्वीट पर बड़कागांव एसडीपीओ भूपेंद्र रावत ने अनभिज्ञता जाहिर की लेकिन मामले को लेकर जांच की बात कहते हुए अपराधियों को धर दबोचने की बात कहीं है। सीएम को ट्वीट परिजनों ने 14 फरवरी को थी, इस मामले में 15 फरवरी को सीएम ने ट्वीट पर संज्ञान लिया और आदेश दिया। मुख्यमंत्री जी अनुसंधानकर्ता दे रहे धमकी

16 फरवरी को परिजनों ने एक बार फिर सीएम को ट्वीट कर बताया कि पेलावल इंस्पेक्टर जो इस कांड के अनुसंधानकर्ता हैं। धमकी दे रहे हैं, बता रहे है कि दो वर्ष पूर्व का केस है और यह खत्म हो गया है। दुबारा थाना नहीं आना। पेलावल इंस्पेक्टर कांड संख्या 109-18 तथा 33 -19 में अनुसंधानकर्ता है। पेलावल इंस्पेक्टर के उपर पूर्व में भी हत्यारोपी को बचाने को लेकर आरोप लगा था। 33-19 में चार हत्यारोपी है, इनमें संजय कुमार महतो, मनोज कुमार महतो, अजय कुमार महतो और प्रकाश महतो को आरोपी बनाया गया है। आवेदन में जमीन मापी और पैसा लेकर अनबन होने के बाद साजिश के तहत हत्या कर देने का आरोप है। ज्ञात हो कि 14 सितंबर को बोकारो पूल के समीप से अपराधियों ने शंभू राणा का अपहरण कर लिया था। वहीं साथ चल रहे संजय महतो पर गोली चलायी थी, गोली उसके हाथ मे लगा और वह बच निकला। देर रात सर्च अभियान में शंभू का शव बोकारो पूल से 150 मीटर दूर जंगल में मिला था। कोट

मामले की जांच की जा रही है, हत्यारोपी फरार है, जांच के बाद इन सब को गिरफ्तार किया जाएगा।

भूपेंद्र रावत, एसडीपीओ, बड़कागांव

Posted By: Jagran

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