हजारीबाग : संत कोलंबा महाविद्यालय के उर्दू विभाग में मंगलवार कोसेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का विषय उर्दू अदब और राष्ट्रीय एकता था। कार्यक्रम में सैकड़ो की संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. जमाल अहमद ने कहा कि यह बात कहना गलत होगा की उर्दू मुसलमानों की जुबां है बल्कि ये आम हिन्दुस्तानियों की जुबां है और इस जुबां में हिन्दुस्तान की रूह बसती है। हमारे देश में जो प्यार और मोहब्बत है, जो सबके बीच न•ार आता है वह दुनिया के दूसरे मुल्कों में बिलकुल न•ार नहीं आता। उर्दू ने अपने अदब के बेहतरीन व मीठे अल़फा•ा से कौमी एकता को हमेशा दिशा दिया है . राष्ट्रीय एकता में उर्दू की मौजूदगी शुरू से ही अपने वतन के लिए बेमिसाल रही है। प्रो. सविता शीतल ने संबोधित करते हुआ कहा की उर्दू अदब में इताहद व इत्तेफाक हर जगह देखने को मिलता है। उर्दू ने जो तहजीब हमें सिखाई है उसी तहजीब की बुनियाद पर हमारी राष्ट्रीय एकता में मजबूती देखने को मिलता है। सेमिनार में छात्रा माजदा खातून को कक्षा में शत-प्रतिशत उपस्थिति के लिए प्रो. शाने अहमद सिद्दीकी एजुकेशनल अवार्ड दिया गया. इस सेमिनार को संबोधित करने वालों में हम्माद अशरफ, इकबाल रजा, निखाल परवीन, हुस्ने आरा, तोहरा फातिमा, गुलाम मोईनुद्दीन, डेनिश अख्तर राजा, गुलाफ्सा परवीन, ओबैदुल रहमान आदि थे, जबकि मंच संचालन मो. सोहेल ने किया। .

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