जागरण संवाददाता, हजारीबाग। चुरचू के आंगो थाना के नवाडीह में प्रेमी श्याम लाल महतो के साथ मिलकर अपने पति घनश्याम महतो की हत्या करने की आरोपित महिला मंजू देवी ने मंगलवार की सुबह पुलिस कस्टडी में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। उसका शव सदर थाने के बाथरूम में साड़ी से लटकता पाया गया। 28 मार्च की रात श्याम लाल महतो की चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी गई थी। उसी समय पकड़े जाने के डर से प्रेमी ने भी पेड़ पर फांसी लगाकर खुदकशी कर ली थी।

पुलिस के अनुसार महिला साड़ी को फंदा बनाकर बाथरूम के वेंटिलेटर से झूल गई। आरोपित मंजू थाने की कस्टडी में थी। वह सुबह सात बजे महिला कांस्टेबल के साथ शौच के लिए बाथरुम गई थी। वहीं अपनी साड़ी से ही खिड़की की जाली में फंदा बना कर उसमें लटक गई। ज बतक महिला कांस्टेबल कुछ समझ पाती है तब तक काफी देर हो चुकी थी। जब महिला बाहर नहीं निकली तो दरवाजा तोड़ा गया लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी। महिला के शव को पोस्टमार्टम कराकर उसके गांव नवाडीह भेज दिया गया है। पुलिस ने इस बाबत यूडी केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, इसमें मामले में पुलिसिया लापरवाही भी सामने आ रही है।

एसपी अनिश गुप्ता ने आंगो थाना प्रभारी और दो महिला कांस्टेबल से स्पष्टीकरण पूछा है। बताया जा रहा है कि मंजू ने पति की हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली थी। उसकी निशानदेही पर प्रेमी द्वारा दिया गया मोबाइल भी बरामद कर लिया गया था। पुलिस के अनुसार महिला को एक अप्रैल को पूछताछ के लिए थाना बुलाया गया था, उसके बाद दो अप्रैल को उसे गिरफ्तार किया गया, लेकिन भारत बंदी की वजह उसे सोमवार को जेल भेजने में देरी हो गई। उसे सदर थाने में रखा गया था जहां आंगो थाना की दो महिला कांस्टेबल उसके देखरेख में लगाई गई थी। उसे मंगलवार को जेल भेजा जाना था लेकिन उसके पहले ही उसने आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना डीएसपी चंदन वत्स ने थाने पहुंचकर मामले की पड़ताल की। पुलिस के अनुसार प्रेमी की भी मौत के बाद वह अवसाद में थी, 30 मार्च को उसने जहर खाकर जान देने की भी कोशिश की थी। उसके चार बच्चे हैं।
 

 

By Sachin Mishra