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1908 करोड़ से बनी पलमा-गुमला फोरलेन का निर्माण पूरा, छत्तीसगढ़ बॉर्डर तक ग्रीनफील्ड हाईवे का काम तेजी पर

Published: Fri, 16 Oct 2026 09:04 AM (IST)

झारखंड में पलमा-गुमला फोरलेन सड़क का निर्माण पूरा हो गया है, जिससे क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा। वहीं, झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा ...और पढ़ें

पलमा-गुमला फोरलेन का निर्माण पूरा

पलमा-गुमला फोरलेन का निर्माण पूरा

HighLights

  1. पलमा-गुमला फोरलेन सड़क का निर्माण 1908 करोड़ में पूरा।

  2. झारखंड-छत्तीसगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण तेजी से जारी।

  3. परियोजनाएं व्यापार, कृषि और रोजगार को बढ़ावा देंगी।

जागरण संवाददाता, गुमला। झारखंड में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास को नई गति मिल रही है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के रांची क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत पलमा-गुमला फोरलेन सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। 

वहीं, झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा कटकायां से गुमला के भरदा तक 32.37 किलोमीटर लंबे फोरलेन ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण जारी है। इन दोनों परियोजनाओं से क्षेत्र में आवागमन सुगम होने के साथ व्यापार, कृषि और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। 

सड़क का निर्माण करीब 1,908.43 करोड़ रुपये में

एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी संतोष कुमार आर्य ने बताया कि पलमा-गुमला एनएच-43 के 26 से 89.17 किलोमीटर खंड तक लगभग 63.17 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण करीब 1,908.43 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है। इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन शुरू हो चुका है। 

परियोजना का पूर्णता प्रमाणपत्र 31 जनवरी 2027 तक जारी होने की संभावना है। बेहतर सड़क से यात्रा समय और ईंधन की बचत के साथ स्थानीय कारोबार को भी लाभ मिलेगा। झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा से गुमला के भरदा तक 32.37 किलोमीटर लंबे फोरलेन ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण करीब 869.58 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। 

730 दिनों में काम पूरा करने का लक्ष्य

कार्य 18 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था और इसे 730 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य है। परियोजना में 15 पुल, 22 ग्रेड सेपरेटेड संरचनाएं, 95 बाक्स कल्वर्ट और 10.08 किलोमीटर सर्विस रोड का निर्माण शामिल है। सड़क सुरक्षा के लिए क्रैश बैरियर, संकेतक और जंक्शन सुधार जैसे उपायों पर भी जोर दिया जा रहा है। आपात स्थिति में यात्री 1033 हेल्पलाइन से सहायता ले सकते हैं।

परियोजना निदेशक कुमार गौतम ने बताया कि अब 15 वर्षो तक आरकेडी कंस्ट्रक्शन के द्वारा सड़क का नियमित रुप से मेंटेन किया जाएगा।

सुरक्षित यात्रा को लेकर एनएचएआई के द्वारा कई कार्य किए जा रहे हैं। सड़कों की निगरानी के लिए हाई रेंज के कैमरा लगाए गए हैं। गोल्डन आवर में लोगों की जान बचे इसके लिए एंबुलेंस की भी सेवा दी जा रही है।

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