जागरण संवाददाता, गुमला : भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद सरसों अनुसंधान, निदेशालय सेवार भरतपुर (राजस्थान) द्वारा संचालित परियोजना के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र गुमला विकास भारती बिशुनपुर के द्वारा चलाई जा रही तेलहनी फसलों के बढ़ावा हेतु जिला के विभिन्न प्रखंडों एवं विभिन्न गांव में 40 हेक्टेयर में सरसों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र के द्वारा इस वर्ष 2021-22 में कुल 60 हेक्टेयर में सरसो को बढ़ावा दिया जा रहा है। रविवार को को घाघरा प्रखंड के गांव बेती में प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया ।इस गांव में 16 किसानो के यहां 13 एकड़ में सरसों के अग्र पंक्ति प्रत्यक्षण लगवाया गया। केन्द्र के द्वारा प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन संस्थान के संयुक्त सचिव श्री महेन्द्र भगत, केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ संजय कुमार के संयुक्त अध्यक्षता में किया गया । इस मौके पर विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ नीरज कुमार वैश्य, श्री सुनील कुमार सहित गाँव के 35 महिला पुरुष किसान उपस्थित हुए । सरसों की खड़ी फसलों को कीट एवं बीमारी से बचाने हेतु एवं उत्पादकता के साथ-साथ गुणवत्तायुक्त उत्पादन को बढ़ाने हेतु फसल को खेत कर ही देख कर वैज्ञानिकों द्वारा सुझाव दिया गया । इस कार्यक्रम के अंतर्गत क्करू 30 प्रभेद को बढ़ावा दिया जा रहा है जो 130-137 दिन में पक कर तैयार हो जाती है इसमें तेल का प्रतिशत 37.7 तक तथा इसका उत्पादन क्षमता 18 से 22 क्विटल प्रति हेक्टेयर तक है।

गांव के उपस्थित किसान रोमिया एक्का, सुखदेव भगत, सुमित्रा देवी, सहदेव उरॉव, इत्यादि किसान उपस्थित रहे ।

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