संवाद सहयोगी, गुमला : राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष एम.वेंकटेशन गुरुवार को परिसदन में अधिकारियों और नगर परिषद में बाह्य स्त्रोत से बहाल सफाई कर्मचारियों के साथ बैठक की। उन्होंने नगर परिषद के सफाई कर्मियों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। इसके अलावा महिला सफाई कर्मचारियों से कार्यस्थल अथवा घर पर किसी भी प्रकार का यौन उत्पीड़न, मानसिक उत्पीड़न/ शोषण, कर्मचारियों के साथ जाति आधारित भेदभाव आदि की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सफाई कर्मचारियों से वार्तालाप कर उन्हें सरकार के द्वारा दिए जाने वाले रोजगार तथा इसके तहत मानेदय भुगतान सहित पीएफ एवं ईसीएफ कार्ड व बीमा की सुविधा उन्हें दी जा रही है अथवा नहीं इसकी भी जानकारी प्राप्त की।

अध्यक्ष ने कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद सह सदर अनुमंडल पदाधिकारी रवि आनंद को निर्धारित अवधि के अनुसार कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन सफाई कर्मियों का हेल्थ कार्ड नहीं बना है, उनका हेल्थ कार्ड अविलम्ब निर्गत करें। पीएफ एवं ईसीएफ सहित बीमा का लाभ सफाई कर्मियों को समय पर मिले इस दिशा में अधिकारी आवश्यक कार्रवाई करें।

बैठक में सफाई कर्मचारियों द्वारा एक-एक कर अपनी-अपनी समस्याओं से अध्यक्ष को अवगत कराया गया। जिसमें लघु सिचाई प्रमंडल में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत हेमा देवी ने अपनी व्यक्तिगत समस्या से अवगत कराते हुए बताया कि वे विगत 30 वर्षों से सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत हैं। कितु मानदेय भुगतान अनियमित होने के कारण उन्हें काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। 28 नवंबर को उनकी पुत्री की शादी है किंतु अनियमित मानदेय भुगतान के कारण वे विवाह संबंधित कार्य करने में भी असमर्थ हैं। इसपर एम.वेंकटेशन ने उप विकास आयुक्त को यथाशीघ्र मामले की जांच करते हुए हेमा देवी के मानदेय भुगतान की समस्या का निष्पादन करने का निर्देश दिया। एक अन्य मामले में नगर परिषद के दो सेवानिवृत सफाईकर्मियों महेंद्र गोप एवं रीछ पाल द्वारा सेवानिवृत्ति के उपरांत दिए जाने वाली सुविधाएं अबतक अप्राप्त होने की गुहार लगाई गई। सेवानिवृत्त कर्मी महेंद्र गोप ने बताया कि 2018 में नगर परिषद से सेवानिवृत्त हुए हैं। सेवानिवृत्ति लाभ के रूप में 09 लाख 74 हजार की राशि देय है, कितु अबतक मात्र 01 लाख रूपये का ही भुगतान हुआ है। इसी तरह 2020 में सेवानिवृत्त रीछ पाल ने बताया कि उनका सेवानिवृत्ति लाभ के रूप में 07 लाख रूपये का भुगतान लंबित है। इन दोनों मामलों पर संज्ञान लेते हुए नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी को सेवानिवृत्त कर्मियों का लंबित भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

सरकारी आवास जर्जर

बैठक में सफाई कर्मी आंदोलन समिति के निशा कुमारी सारवान ने बताया कि वर्षों पूर्व वाल्मिकी नगर हरिजन बस्ती में सफाई कर्मियों के लिए निर्मित सात सरकारी आवास बिल्कुल जर्जर है। इसकी शीघ्र मरम्मति की आवश्यकता है। बैठक के उपरांत अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय आयोग, राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन को जिले में कार्यरत सफाई कर्मियों के लंबित मामलों पर अग्रेतर कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि आयोग सफाई कर्मियों के लिए आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा, ई-श्रम कार्ड, एवं अन्य सुविधाएं बहाल करने की दिशा में सक्रिय है। बताया कि गुमला जिले के पालकोट वन परिक्षेत्र का दौरा कर वन्य जीवजंतु के संरक्षण के लिए पर्यावरण एवं प्रदूषण के क्षेत्र में किए गए कार्यों का निरीक्षण करेंगे। बैठक में डीडीसी कर्ण सत्यार्थी, पुलिस अधीक्षक डा. एहतेशाम वकारिब, वन प्रमंडल पदाधिकारी श्रीकांत आदि उपस्थित थे।

Edited By: Jagran