जागरण संवाददाता,गुमला : जिले के चैंबर पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों की बैठक हिमांशु केसरी की अध्यक्षता में सोमवार को चैंबर कार्यालय में हुई। जिसमें कार्यकारिणी सदस्य मनीष हिदुस्तान के खिलाफ निदा प्रस्ताव लाया गया और उनकी आलोचना करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही गई। सदस्यों का कहना था कि मनीष हिदुस्तान कुछ लोगों से मिलकर समाजसेवी बनने का ढोंग करते हैं और गंदी राजनीति करते हुए चेंबर की प्रतिष्ठा पर आघात पहुंचाते हैं। तीन अगस्त को उनके द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। अधिकारी रूष्ठ हो गए। एसडीओ ने उनके खिलाफ जांच का आदेश दिया। मनीष द्वारा प्रशासन के सामने अपनी गलती कबूल करने के बाद सील दुकान को खोलने का निर्देश दिया। सचिव राजेश गुप्ता ने मनीष हिदुस्तान को 24 घंटे के भीतर उनसे चेंबर अध्यक्ष के प्रतिष्ठान में जाकर माफी मांगने को कहा है। शॉ कॉज में सचिव ने 12 अगस्त के तीन बजे दिन तक लिखित माफीनामा देने, भविष्य में चैंबर के किसी भी पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्यों और पूर्व अध्यक्षों के खिलाफ टिका टिप्पणी नहीं करने की गारंटी देने की बात कही गई है। यदि अध्यक्ष से माफी नहीं मांगने पर कार्यकारिणी सदस्य और प्रतिष्ठान की प्राथमिक सदस्यता हमेशा के लिए समाप्त करने की बात कही गई है। मनीष हिदुस्तान का कहना है कि चेंबर व्यापारियों का कार्यालय है। किसी के प्रतिष्ठान और घर में बात करना उचित नहीं हैं। चेंबर अध्यक्ष चैंबर की गरिमा को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। पहले भी कई बार चेंबर की गरिमा को धूमिल कर चुके हैं। मनीष ने जारी बयान में कहा है कि प्रशासन ने उनकी दुकान को सील कर दिया था। इस बात की जानकारी अध्यक्ष को थी। लेकिन उन्होंने दुकान खुलवाने के लिए कोई विशेष प्रयास नहीं किया। समय नहीं होने की बात कही। उनकी दुकान खुलवाने में चैंबर की कोई भूमिका नहीं रही। किसी के दुकान में जाकर बात करना या माफी मांगने का निर्देश देना चैंबर के इतिहास की पहली घटना होगी।

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