गुमला : गुमला-राउरकेला उच्च पथ के किनारे बसे गुमला प्रखंड के उर्मी गांव में जमीन हड़पने वालों के खिलाफ विधवा रूदो देवी ने लंबी लड़ाई के बाद न्यायालय से लड़ाई जीत ली मगर अवैध तरीके से हड़पे गए भूखंड पर कब्जा दिलाने के लिए अधिकारियों के यहां चक्कर लगा-लगाकर थक चुकी है। लेकिन अपना प्रयास अब भी जारी रखी हुई है। वह कहती है कि जिस तरह न्यायलय से न्याय मिला है उसी तरह प्रशासन से भी इंसाफ मिलकर रहेगा।

जमीन पर कब्जा पाने के लिए मांग व गोद हुई सुनी

रुदो ने बताया जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा जमाने वाले ने पहले उसके पति को ट्रक से कुचलवा दिया। जमीन के खातिर उसकी मांग सूनी हो गई। एक पुत्र था जो एसएस हाई स्कूल में पढ़ता था। उसके पुत्र की भी हत्या करा दी गई। भय से वह अपनी बेटियों के यहां रहकर न्याय की लड़ाई लड़ने लगी। उर्मी में थाना संख्या 64 , खाता संख्या 38, खेसरा संख्या पांच और रकबा संख्या 1.68 एकड़ का प्लाट है। उसके पति ने उस जमीन को मरीयम लकड़ा नाम महिला से बंधक रखा था। मरियम वापस ओडिशा चली गई। भू-माफियाओं ने फर्जी मरियम लकड़ा के नाम कागजात बनवा लिया और उसे बिक्री भी करा दिया। कुछ लोग घर बनाकर भी रहने लगे। समय बीता। हिम्मत हुई और फिर से न्यायालय में लड़ाई लड़ना आरंभ किया। जिला जज -3 उसे जमीन पर कब्जा दिलाने का आदेश पारित हुआ। लेकिन गुमला के अंचलाधिकारी ने तरह तरह का बहाना बनाया और न्यायालय का आदेश लागू नहीं कराया। उसके नाम पर जमाबंदी और राजस्व लगान का रसीद भी निर्गत नहीं कराया। अंचलाधिकारी ने जमीन पर कब्जा नहीं होने की बात कहकर न्यायालय के आदेश का अनुपालन करने के तहत लगान रसीद और जमाबंदी रुदो देवी के नाम से करने से इंकार कर दिया। अंचलाधिकारी के खिलाफ वह भूमि सुधार उप समाहर्ता के न्यायालय में अपील दायर की। इस मामले में फैसला सुनाते हुए भूमि सुधार उप समाहर्ता अंजना दास सम्यक एवं प्रेरणात्मक विवेचन के उपरांत एवं न्यायाधीश जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुमला के अपीलवार 32-98 16 मारर्च 2015 के पारित आदेश के आलोक में अंचलाधिकारी को निर्देश दिया गया है। निर्देश दिया जाता है कि वे उस जमीन से संबंधित यदि किसी रैयद के नाम चल रहे जमाबंदी को निरस्त करते हुए आवेदिका रुदो देवी पति स्व. जितेंद्र राम उर्फ जीतू धोबी ग्राम उर्मी के नाम जमाबंदी कायम कर राजस्व लगान रसीद निर्गत करे। लेकिन 21 नवंबर 2016 को जारी किए गए आदेश का अनुपालन गुमला के अंचलाधिकारी द्वारा नहीं किया गया है और न ही जमीन पर इस विधवा को कब्जा दिलाया गया है। रुदो देवी ने बताया कि वह मंगलवार को जनता दरबार में उपायुक्त से न्याय की गुहार लगाएगी।

Posted By: Jagran