किसानों को 100% सब्सिडी पर मिलेंगे सरसों-चना, गेहूं-मक्का और मसूर के 733 क्विंटल बीज, गुमला में डीबीटी से वितरण
किसानों को बिरसा बीज उत्पादन योजना के तहत सरसों, चना, गेहूं, मक्का और मसूर के कुल 733 क्विंटल बीज शत-प्रतिशत ...और पढ़ें

बीज वितरण में गड़बड़ी पर तय होगी कर्मियों की जवाबदेही, लाभुक किसानों की बनेगी सूची। (तस्वीर: एआई जेनरेटेड)
HighLights
किसानों को 733 क्विंटल बीज 100% अनुदान पर मिलेंगे।
सरसों, चना, गेहूं, मक्का, मसूर की खेती को बढ़ावा मिलेगा।
डीबीटी से वितरण, गड़बड़ी पर कर्मियों की जवाबदेही तय होगी।
जागरण संवाददाता, गुमला। बिरसा बीज उत्पादन, विनिमय एवं वितरण तथा फसल विस्तार योजना के तहत जिले में किसानों को शत-प्रतिशत अनुदानित दर पर विभिन्न फसलों के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना के तहत सरसों, चना, गेहूं, मक्का और मसूर के बीज का वितरण किया जाना है। इसके लिए कृषि विभाग ने फसलवार लक्ष्य निर्धारित किया है।
जिले में 350 हेक्टेयर में सरसों की खेती के लिए 21 क्विंटल, 350 हेक्टेयर में चना के लिए 262 क्विंटल, 450 हेक्टेयर में गेहूं के लिए 350 क्विंटल, 530 हेक्टेयर में मक्का के लिए 70 क्विंटल तथा 100 हेक्टेयर में मसूर की खेती के लिए 25 क्विंटल बीज वितरित किए जाएंगे।
प्रखंडवार किसानों की जरूरत के अनुसार बीज की मात्रा निर्धारित की जाएगी। सरकारी योजना के तहत बीज वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिला कृषि विभाग ने अधिकारियों और कर्मियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
वितरण प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है। निर्देश में कहा गया है कि बीज प्राप्त करने वाले प्रत्येक किसान का नाम, पता, मोबाइल नंबर और आधार सहित आवश्यक विवरण दर्ज किया जाए।
इसके लिए लाभुक किसानों की सूची तैयार करने के साथ बीज वितरण पंजी और भंडार पंजी का नियमित संधारण करना अनिवार्य होगा। विभाग ने बीज वितरण में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया है।
वितरण के बाद इसकी पूरी विवरणी संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध करानी होगी। साथ ही खेतों में फसलों की स्थिति और किसानों को मिले लाभ की जानकारी भी जुटानी होगी।
बीटीएम और एटीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर जरूरतमंद किसानों तक लाभ पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। किसी प्रकार की अनियमितता या शिकायत मिलने पर तत्काल वरीय अधिकारियों को सूचित करना होगा।
गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित कर्मियों की जवाबदेही तय की जाएगी। विभाग का उद्देश्य बिचौलियों की भूमिका समाप्त कर योजना का लाभ वास्तविक किसानों तक पहुंचाना है।