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गुमला में नर्सिंग होम, क्लीनिक और रेस्टोरेंट वालों के लिए जरूरी खबर! कारोबार के हिसाब से लगेगा टैक्स

Published: Wed, 14 Oct 2026 05:49 PM (IST)

गुमला में नर्सिंग होम, क्लीनिक, बार और रेस्टोरेंट सहित अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निबंधन अनिवार्य किया गया है। पांच लाख ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड ईमेज।

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HighLights

  1. गुमला में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निबंधन अब अनिवार्य।

  2. पांच लाख से अधिक टर्नओवर पर पेशेवर कर लागू।

संतोष कुमार, गुमला। जिले में संचालित नर्सिंग होम, निजी क्लीनिक, बार और रेस्टोरेंट समेत अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अब झारखंड वृत्ति, व्यापार, आजीविका और नियोजन कर अधिनियम, 2011 के प्रावधानों के तहत निबंधन कराना अनिवार्य किया गया है।

राज्य कर संयुक्त आयुक्त संजय कुमार ने इस दिशा में पहल करते हुए सिविल सर्जन और उत्पाद अधीक्षक को पत्र भेजा है। दोनों अधिकारियों से अपने-अपने विभाग के अंतर्गत आने वाले संबंधित प्रतिष्ठानों की सूची उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। इसका उद्देश्य कर के दायरे में आने वाले प्रतिष्ठानों की पहचान कर राजस्व संग्रह सुनिश्चित करना है।

राज्य सरकार के वाणिज्य कर विभाग ने अधिनियम में संशोधन कर वार्षिक कारोबार के आधार पर पेशेवर कर की दरें निर्धारित की हैं। झारखंड गजट में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, जीएसटी में पंजीकृत और गैर-पंजीकृत दोनों श्रेणियों के पात्र करदाताओं के लिए टर्नओवर आधारित कर स्लैब तय किए गए हैं। निर्धारित श्रेणी में आने वाले प्रतिष्ठानों को नियमानुसार निबंधन कराना होगा और लागू कर का भुगतान करना होगा।

नई व्यवस्था के तहत वार्षिक सकल टर्नओवर पांच लाख रुपये तक होने पर कोई पेशेवर कर नहीं लगेगा। पांच लाख रुपये से अधिक और दस लाख रुपये तक के कारोबार पर सालाना एक हजार रुपये कर निर्धारित है। दस लाख से अधिक और 25 लाख रुपये तक के टर्नओवर पर 1500 रुपये, 25 लाख से अधिक और 40 लाख रुपये तक पर 2000 रुपये तथा 40 लाख रुपये से अधिक के टर्नओवर पर सालाना 2500 रुपये कर देय होगा।

विभागीय स्तर पर प्रतिष्ठानों की सूची जुटाने की पहल को कर संग्रह का दायरा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सूची मिलने के बाद पात्र प्रतिष्ठानों की पहचान और निबंधन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी। इससे व्यावसायिक गतिविधियों का कर संबंधी रिकॉर्ड व्यवस्थित होगा और राज्य सरकार के राजस्व में वृद्धि की उम्मीद है। हालांकि, संबंधित प्रतिष्ठानों पर कर की देयता अधिनियम की लागू शर्तों और निर्धारित श्रेणी के अनुसार तय होगी।

क्या कहते हैं अधिकारी?

दुर्गा पूजा के बाद इस पर अभियान चलाया जाएगा। जागरुकता अभियान भी चलाकर लोगों को जागरुक किया जाएगा। संबंधित विभाग के अधिकारियों से भी मदद ली जाएगी। इसके बाद भी रुचि नहीं लेने वालों के विरुद्ध विभागीय प्रावधान के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

-संजय कुमार, राज्य कर संयुक्त आयुक्त गुमला। 

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