झारखंड की फुटबॉल ‘नर्सरी’ गुमला पहुंची डूरंड कप की ट्रॉफी, ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत
एशिया के सबसे पुराने डूरंड कप की ट्रॉफी गुमला पहुंची, जहां पारंपरिक नृत्य और रैली के साथ भव्य स्वागत किया ...और पढ़ें

गुमला पहुंची डूरंड कप की ट्रॉफी
HighLights
एशिया के प्रतिष्ठित डूरंड कप की ट्रॉफी गुमला पहुंची।
झारखंड पहली बार कर रहा इस टूर्नामेंट की मेजबानी।
गुमला को फुटबॉल नर्सरी के रूप में जाना जाता है।
जागरण संवाददाता, गुमला। एशिया के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित फुटबाल टूर्नामेंट डूरंड कप के 135वें संस्करण की ट्राफी सोमवार को गुमला पहुंची। परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में ट्रॉफी का स्वागत किया गया। पारंपरिक सांस्कृतिक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति ने कार्यक्रम को आकर्षक बना दिया।
इसके बाद उपायुक्त दिलेश्वर महतो और पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमां ने संयुक्त रूप से ट्रॉफी रैली को हरी झंडी दिखाकर शहर भ्रमण के लिए रवाना किया। रैली के दौरान शहर के विभिन्न मार्गों पर लोगों ने उत्साहपूर्वक ट्रॉफी का स्वागत किया।
झारखंड पहली बार कर रहा मेजबानी
26 जुलाई से रांची के मोरहाबादी स्थित बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में डूरंड कप के मुकाबले खेले जाएंगे। पहली बार झारखंड इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है, जिससे पूरे राज्य में फुटबॉल का माहौल बन गया है।

फुटबॉल के लिए अपनी विशेष पहचान रखने वाले गुमला जिले में ट्रॉफी आगमन को लेकर खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
गुमला आगमन जिले के लिए गौरव का क्षण
उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा, डूरंड कप की ट्रॉफी का गुमला आगमन जिले के लिए गौरव का क्षण है। गुमला की पहचान फुटबॉल प्रतिभाओं की धरती के रूप में रही है।

इस आयोजन से युवाओं को बड़े मंच का सपना देखने और खेल के प्रति समर्पण बढ़ाने की प्रेरणा मिलेगी। प्रशासन खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है।
झारखंड की फुटबॉल नर्सरी गुमला
पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमां ने कहा, खेल समाज को जोड़ने और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का सशक्त माध्यम है। डूरंड कप जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का आयोजन झारखंड के लिए ऐतिहासिक अवसर है। गुमला के खिलाड़ियों में अपार प्रतिभा है। हमें विश्वास है कि यहां के युवा भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले और राज्य का नाम रोशन करेंगे।
गुमला को झारखंड की फुटबॉल नर्सरी माना जाता है। जिले के अनेक खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। खेल प्रेमियों का मानना है कि डूरंड कप जैसे बड़े आयोजन से राज्य में फुटबॉल संस्कृति को नई पहचान मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिलेगी। कई खिलाड़ी और खेल प्रेमी रांची जाकर मुकाबले देखने की तैयारी में जुटे हैं।
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