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पथरगामा : गोड्डा जिलाअंतर्गत पथरगामा प्रखंड की महेशलिट्टी पंचायत के बांसभीठा गांव निवासी पारा शिक्षक निसिपटर टुडू की मौत इलाज के आभाव में गुरुवार को हो गई।

मृतक के भाई बेटका टुडू ने बताया कि बीते 15 नवंबर 2018 को पारा शिक्षकों के आंदोलन में उनका भाई भी रांची गया था। वहां आंदोलन के दौरान पुलिस की लाठी से उनका भाई भी चोटिल हो गया था। निसिपटर टुडू के सीने और पीठ में गहरी चोट लगी थी। बीते पांच माह से स्थानीय स्तर पर इलाज करा रहा था। लगातार मानदेय नहीं मिलने पर पैसे के अभाव में समुचित इलाज नहीं होने पर उनकी मौत हो गई। मृतक के भाई बेटका टुडू ने बताया कि 10 अप्रैल की दोपहर बाद उनके छोटे भाई ने कहा कि उनके सीने में तेज दर्द है। कहा कि घर पर पैसे के अभाव के कारण शहर जाकर अपने छोटे भाई का इलाज नहीं करा सका। देखते ही देखते उन्होंने दम तोड़ दिया।

बताया कि मानदेय को लेकर उनके भाई ने कई बार बीईईओ कार्यालय का चक्कर लगाया था। होली के पहले एक माह का वेतन मिला था। कई महीने से मानदेय नहीं मिलने से परिवार आíथक संकट के दौर से गुजर रहा था। जरूरी काम के लिए महाजन से कर्ज भी ले रखा था। कहा कि मृतक को एक बेटा मिट्ठू और एक बेटी देवी है। वहीं पत्नी बाहाफूल मरांडी ने कहा कि अब मानदेय मिलने से क्या फायदा। उनके पति तो लाइलाज इस दुनिया से चले गए। दो बच्चों की परवरिश की चिता है।

बताया जाता है कि निसिपटर टुडू पहले उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय खुर्द में पारा शिक्षक के पद पर बहाल हुए थे। युक्तिकरण के तहत उनका स्थानांतरण प्राथमिक विद्यालय मटिहानी में किया गया था। वर्तमान में वे मटिहानी प्राथमिक विद्यालय में ही कार्यरत थे। उनके साथ काम करने वाले उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय खुर्द के सहायक शिक्षक मिथिलेश कुमार मिश्र ने कहा कि निसिपटर टुडू कई माह से बीमार थे। कहा कि रांची में लाठीचार्ज के दौरान वे चोटिल हुए थे, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। गुरुवार को उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय में पारा शिक्षक की मृत्यु पर शोक सभा कर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी गई। निसिपटर टुडू की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। पथरगामा के बीईईओ स्वप्न कुमार मंडल से जब घटना के संबंध में जानकारी लेने की कोशिश की गई तो उन्होंने मोबाइल रिसीव करना भी जरूरी नहीं समझा।

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पथरगामा के मटिहानी स्थित प्राथमिक विद्यालय के पारा शिक्षक की मौत की खबर मर्माहत करने वाली है। बीते दिनों होली के दौरान पारा शिक्षकों को एक माह का मानदेय दिया गया था। शिक्षा विभाग को इसकी जानकारी नहीं दी गई कि उक्त पारा शिक्षक बीमार थे। रांची में लाठीचार्ज के दौरान घायलों में निसिपटर टुडू का नाम नहीं था। सरकारी अस्पताल में इलाज की समुचित व्यवस्था है। इसके बाद भी इसका लाभ लोग नहीं लेते हैं तो यह चिताजनक है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।

- जितेंद्र कुमार सिन्हा, डीएसई, गोड्डा।

Posted By: Jagran

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