ठाकुरगंगटी : प्रखंड मुख्यालय से मात्र करीब डेढ़ किलोमीटर पर स्थित अंटाडीह गांव में आज तक पक्की सड़क नहीं पहुंच पाई। इस गांव के लोग अभी तक तरह तरह की समस्याओं को झेल रहे हैं । जबकि यह गांव नदी के किनारे बसा हुआ है। यह आदिवासी बाहुल्य गांव है। इस गांव में अंटेश्वरनाथ महादेव स्थान भी है। इस स्थान की बड़ी मान्यता भी है। इलाके के सैकड़ों श्रद्धालु अंटेश्वरनाथ महादेव स्थान में पूजा अर्चना करने आते हैं। लेकिन यहां कच्ची और पगडंडी का ही सहारा लेना पड़ता है। चमरू कापरी गंगटी के निकट से मुख्य मार्ग से अंटाडीह गांव तक करीब एक दशक पूर्व ही सड़क पर पत्थर बिछाए गए थे। अब पत्थर क्षतिग्रस्त होकर उखड़ गए हैं। मार्ग में दो पुलिया भी है। दोनों क्षतिग्रस्त है। गांव में चार पहिया वाहन पहुंचना काफी मुश्किल होता है। बरसात के दिनों में तो इस गांव के निवासियों को हर परिस्थिति में पैदल पांव ही गांव से निकलकर जाना आना पड़ता है ।

ग्रामीण शिवम कुमार, बिटका सोरेन, छोटका मुर्मू, महिला मुर्मू, ताला सोरेन, मंडरो टुडू आदि ने कहा कि गांव से निकलकर बाहर आना-जाना करना यहां दूभर होता है। अंटेश्वरनाथ महादेव स्थान जाने का तो रास्ता ही नहीं है। पगडंडी का सहारा है। सावन महीने में सैकड़ों श्रद्धालुओं को काफी परेशानी होती है। यहां मोटरसाइकिल पार करना मुश्किल होता है। ग्रामीणों ने कहा कि इस बार वे सोच समझकर सही प्रत्याशी को मतदान करेंगे ताकि उनके गांव से आने जाने के लिए पक्की सड़क की सुविधा मिल सके।

Posted By: Jagran

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