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गोड्डा: गोड्डा लोकसभा सीट के लिए एक राष्ट्रीय पार्टी से टिकट के प्रबल दावेदार रहे नेताजी की दावेदारी जब समाप्त हो गई तो वे सोशल साइट से अब खुद को किनारा कर लिए हैं। मालूम हो कि विगत एक वर्ष से क्षेत्र में सक्रिय रहने के साथ ही सोशल साइट पर भी विशेष सक्रियता के कारण नेताजी सुíखयों में रहे हैं। हर कार्यक्रम की जानकारी समर्थकों को उनके फेसबुक एकाउंट पर मिल जाती थी। इधर पिछले तीन-चार माह से तो सोशल साइट पर काफी सक्रिय हो गए थे। यही कारण है उनके समर्थक भी सोशल साइट में रेस रहते थे। टिकट के लिए कई पोस्ट के बाद जब ऐन वक्त पर यह सीट क्षेत्रीय दल की झोली में चली गई और उनकी दावेदारी के पंख को आसमान नहीं मिल सका तो नेताजी काफी आहत हुए। बीते माह के अंतिम सप्ताह में क्षेत्र भ्रमण कर वापस लौट तो अपनी पीड़ा भी सोशल साइट पर साझा कर दिया। लेकिन सोशल साइट पर उन्हें कोई खास तरजीह नहीं मिली। आखिरकार नेताजी क्षेत्र के साथ साथ सोशल मीडिया से फिलहाल गायब हो गए हैं। वहीं उनके समर्थन में अब उनका विधायक पुत्र सोशल मीडिया पर अधिक सक्रिय दिख रहा है। लेकिन जब पुत्र को भी कहीं से कोई कामयाबी नहीं मिली तो थक हारकर अपने विधानसभा की ओर रूख कर लिए। नेताजी अपने आलाकमान से काफी नाराज है लेकिन यह भी कहा कि वे पार्टी नहीं छोड़ेंगे। लोस चुनाव में पार्टी की जिम्मेवारी भी उठाने को तैयार हो गए हैं। अब पार्टी ने उन्हें दूसरे प्रदेश में चुनाव प्रचार में भेजने का फरमान सुनाया है। बेचारे नेताजी करें तो क्या करें। हालांकि उनके समर्थकों का कहना है कि वे अपनी नई जिम्मेवारी के साथ फिर से सोशल मीडिया पर सक्रिय होंगे।

Posted By: Jagran

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