पोड़ैयाहाट (गोड्डा)। कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती, इस कहावत को वीर कुंवर सिंह कॉलेज, गोड्डा के व्याख्याता डॉ ध्रुव नारायण सिंह ने चरितार्थ कर दिखाया है। डॉ ध्रुव नारायण सिंह का नाम एशिया के सबसे तेज बोलने वाले प्रतिभाशाली लोगों में शुमार हो गया है। कुछ अलग करने की चाहत और जुनून के कारण उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है। उन्होंने यह रिकॉर्ड दुनिया के 221 देश और उसकी राजधानी का नाम मात्र 80 सेकेंड में बोलकर दर्ज कराया है।

ध्रुव ने एक घंटे में 36 सौ बार हिचकी (डकार) लेने का रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कराया है। इसके साथ ही देश के 425 जिलों का नाम मात्र 2 मिनट में बोलने की कला भी उन्होंने अपने नाम किया है। पशु-पक्षियों से विशेष लगाव होने के कारण पशु-पक्षियों की आवाज की नकल करने में भी वे महारत हासिल किए हुए है। अपने महाविद्यालय में भी पढ़ाई को रोचक और मनोरंजक बनाने के लिए इन पशु पक्षियों का नकल कर बच्चों को भूगोल के विषय में विशेष लगाव पैदा करते हैं। इतने रिकॉर्ड के बाद भी जब उन्हें संतुष्टि नहीं मिली तो काफी तेजी से व‌र्ल्ड का नक्शा बनाने का रिकॉर्ड भी बनाया।

बीबीसी लंदन के समाचार वाचक के साथ दिवंगत राष्ट्रपति केआर नारायण के सामने एक मिनट में विश्व का मानचित्र बनाने का रिकार्ड भी उन्होंने बनाया है। भूगोल में पीएचडी उपाधि प्राप्त डॉ ध्रुव नारायण ¨सह का अगला लक्ष्य गिनीज बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराना है। डॉ ध्रुव नारायण सिंह बिहार के मुंगेर जिला के कल्याणपुर गांव के मूल निवासी हैं।

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