खिरोंधी में लोगों से मिल रही थीं मंत्री दीपिका पांडेय, तभी मिली बेटी तृषा के निधन की खबर; बेसुध होकर कुर्सी से गिरीं
झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की 18 वर्षीय बेटी तृषा सिंह समेत चार लोगों की जमशेदपुर में ...और पढ़ें

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृषा (फाइल फोटो) और जमशेदपुर में दुर्घटनाग्रस्त कार।
HighLights
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृषा सिंह का निधन।
जमशेदपुर में सड़क हादसे में चार लोगों की मौत।
गोड्डा में खबर सुनते ही मंत्री हुईं बेसुध।
जागरण टीम, गोड्डा। जमशेदपुर में नेशनल हाईवे पर सड़क हादसे में झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की 18 वर्षीय बेटी तृषा सिंह समेत चार लोगों की मौत गुरुवार तड़के हो गई। जिस समय हादसा हुआ, उस समय दीपिका पांडेय सिंह गोड्डा जिले के मेहरमा प्रखंड स्थित आवास में थीं।
उन्हें सूचना सुबह करीब सात बजे मिली। उस समय वह अपने विधानसभा क्षेत्र महागामा के लोगों से मिल रही थीं। बेटी के निधन की सूचना मिलते ही वह बेसुध होकर कुर्सी से नीचे गिर पड़ीं।
सूचना मिलने के पहले मंत्री मेहरमा प्रखंड अंतर्गत खिरोंधी स्थित अपने निजी आवास पर स्थानीय लोगों के साथ बैठकर क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा कर रही थीं। सूचना मिलते ही वह बदहवास होकर कुर्सी से गिर पड़ीं। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें उठाकर तुरंत गाड़ी में बैठाया। उसी हालत में वह जमशेदपुर के लिए निकल पड़ीं।
गोड्डा से देवघर गईं। देवघर एयरपोर्ट से हेलीकॉप्टर से रांची गईं। रांची से सड़क मार्ग से जमशेदपुर के लिए रवाना हो गईं। इसके बाद से उनके खिरोंधी स्थित पैतृक आवास पर सन्नाटा पसर गया। उनके परिचित, शुभचिंतक और पार्टी कार्यकर्ता सभी जमशेदपुर के लिए रवाना हो गए।
12वीं साइंस की छात्रा थी तृषा
जानकारी के अनुसार, तृषा की दो बहनें हैं। इनमें एक अमेरिका में रहकर पढ़ाई करती है। जबकि तृषा छोटी थी। वह जमशेदपुर के कार्मेल जूनियर कॉलेज की 12वीं साइंस की छात्रा थी। वह अपने पिता रत्नेश कुमार सिंह की कंपनी के फ्लैट में ही बचपन से रह रही थी।
पढ़ने में काफी मेधावी थी। लेकिन एक घटना ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। संयोग से तृषा के पिता रत्नेश कुमार सिंह अपनी बेटी के साथ रह रहे थे। जानकारी मिलते ही वह तुरंत अस्पताल पहुंच गए।
मेहरमा स्थित खिरोंधी आवास पर पसरा सन्नाटा
घटना के बाद मेहरमा स्थित खिरोंधी के पैतृक आवास पर सन्नाटा पसर गया है। दो दिनों से जहां आवास पर लोगों के आने-जाने का तांता लगा था, वहीं गुरुवार की सुबह एकाएक सन्नाटा पसर गया। अचानक आवास की खुशियां छिन गईं।
आवास की देखरेख के लिए इक्का-दुक्का लोग ही वहां मौजूद रहे। बाकी आवास पर घटना के बाद एक भी व्यक्ति नहीं दिखा। घटना की सूचना क्षेत्र सहित पूरे जिले में आग की तरह फैल गई। सोशल मीडिया पर भी हर कोई अपने-अपने तरीके से पूरे मामले पर दुख प्रकट करता रहा।
सोशल मीडिया पर नेताओं ने भी जताया दुख
घटना के बाबत जिले के अलग-अलग दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी पूरे मामले पर दुख जताया। अपने फेसबुक वॉल पर पोस्ट कर पूरे घटनाक्रम पर शोक जताया। दुख जताते हुए उन्होंने साझा किया कि एक संतान को खोने का दुख शायद ही कोई बर्दाश्त कर पाए। नेताओं ने मार्मिक पोस्ट साझा कर अपने तरीके से दुख व्यक्त किया।
घटना से पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई। सांसद डॉ. निशिकांत दुबे, पूर्व विधायक अशोक कुमार भगत, प्रदेश सहसंयोजक संजीव मिश्रा, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष प्रिया सिंह पटेल, युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष नीतीश ओझा सहित अन्य ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त स्वजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
मेहरमा प्रखंड कार्यालय में रखा गया शोक
मेहरमा प्रखंड कार्यालय परिसर के सभागार में भी पूरे मामले पर दुख जताया गया। मंत्री की पुत्री के निधन के बाद विनोद कुमार की अध्यक्षता में आयोजित शोक सभा में दो मिनट का मौन रखकर मृत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई।
साथ ही शोक संतप्त स्वजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की गईं। इस अवसर पर प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी गंगाराम साह, सहायक अभियंता अनुज कुमार, अंचल सहायक प्रवीर कुमार मिश्रा, मोहम्मद इलाही, सुबोध कुमार मंडल सहित सभी प्रखंड व अंचल कर्मी मौजूद थे।
मेहरमा बीडीओ व थानेदार भी पहुंचे मंत्री के आवास
जानकारी मिलने पर बीडीओ अभिनव कुमार, बलबड्डा थाना प्रभारी पंकज कुमार सिंह, बीपीओ अजीत सिंह व अन्य कर्मी मंत्री के पैतृक आवास खिरोंधी पहुंचे।
हालांकि उस समय वहां कोई नहीं था। अधिकारियों ने इस दौरान विधि-व्यवस्था, पार्किंग, हेलीपैड के लिए स्थल आदि का जायजा लिया। पहले यह संभावना जताई जा रही थी कि मंत्री की पुत्री का शव गोड्डा लाया जाएगा। इसको लेकर हेलीपैड आदि की तैयारियों में अधिकारी लग गए।
