झारखंड में पशुपालकों को मिलेगी राहत, गोड्डा में 51.49 करोड़ से बनेगा पशु आहार कारखाना, कैबिनेट की मुहर
Godda Cattle Feed Plant: झारखंड कैबिनेट ने गोड्डा के महागामा में 51.49 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक पशु आहार ...और पढ़ें

Godda Cattle Feed Plant: गोविंदपुर में 51.49 करोड़ से बनेगा पशु आहार कारखाना।प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
गोड्डा में 51.49 करोड़ का पशु आहार कारखाना स्वीकृत।
पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण पशु आहार मिलेगा।
दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और डेयरी को लाभ।
संवाद सहयोगी, महागामा (गोड्डा)। Godda Cattle Feed Plant: ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री सह महागामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह के लगातार प्रयासों से गोड्डा जिले के महागामा प्रखंड अंतर्गत गोविंदपुर मौजा में 51 करोड़ 49 लाख रुपये की लागत से आधुनिक पशु आहार कारखाना (Cattle Feed Plant) स्थापित करने की योजना को हरी झंडी मिल गई है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को रांची में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। कारखाने की स्थापना से गोड्डा और आसपास के क्षेत्रों के पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण पशु आहार उपलब्ध होगा।
इस परियोजना का निर्माण झारखंड मिल्क फेडरेशन (JMF) के माध्यम से कराया जाएगा। कारखाने की शुरुआती उत्पादन क्षमता 50 मीट्रिक टन प्रतिदिन होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 100 मीट्रिक टन प्रतिदिन करने की योजना है।
5.22 एकड़ भूमि चिह्नित, 2026-27 में 30 करोड़ खर्च का प्रावधान
परियोजना के निर्माण के लिए गोविंदपुर मौजा में 5.22 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। राज्य मंत्रिमंडल ने कुल 51.49 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति देने के साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसके लिए 30 करोड़ रुपये खर्च करने का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया है।
पशुपालकों को मिलेगी बड़ी राहत
महागामा में इस प्लांट के चालू होने से गोड्डा सहित आसपास के जिलों के पशुपालकों को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में संतुलित पशु आहार बाहर से मंगाने के कारण इसकी उपलब्धता और कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहता है। स्थानीय स्तर पर उत्पादन शुरू होने से दुधारू पशुओं के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार आसानी से उपलब्ध होगा, जिससे पशुओं के स्वास्थ्य, पोषण और दुग्ध उत्पादन (Milk Production) में गुणात्मक सुधार आएगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और डेयरी गतिविधियों को मिलेगी नई दिशा
स्थानीय स्तर पर पशु आहार की उपलब्धता से पशुपालकों का परिवहन खर्च घटेगा और उनकी उत्पादन लागत नियंत्रित होगी, जिससे सीधा लाभ उनकी आय के रूप में दिखेगा। महागामा और गोड्डा के किसान लंबे समय से इस कारखाने की स्थापना की मांग कर रहे थे। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब क्षेत्र में डेयरी और पशुपालन आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पंख लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
