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गोड्डा को मिलेंगी लंबी दूरी की ट्रेनें, बेंगलुरू और पुणे तक सीधी कनेक्टिविटी; कोचिंग डिपो से बदलेगी सूरत

Published: Wed, 16 Sep 2026 12:49 PM (IST)

गोड्डा रेलवे स्टेशन पर कोचिंग डिपो का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके मार्च 2027 तक पूरा होने की संभावना है।

गोड्डा रेलवे स्टेशन। फाइल फोटो

गोड्डा रेलवे स्टेशन। फाइल फोटो

HighLights

  1. कोचिंग डिपो का निर्माण मार्च 2027 तक पूरा होने की उम्मीद।

  2. गोड्डा से पांच नई ट्रेनें शुरू होने की संभावना है।

  3. बेंगलुरु, पुणे, रांची वंदे भारत जैसी ट्रेनें मिलेंगी।

संवाद सहयोगी, गोड्डा। गोड्डा रेलवे स्टेशन में कोचिंग डिपो बनाने का काम चल रहा है जिसके अगले साल मार्च-2027 तक पूरा होने की संभावना है।

इसके साथ ही पहले चरण में गोड्डा-महागामा के बीच रेल पटरी बिछाने का काम भी शुरू हो चुका है, जबकि दूसरे चरण के लिए महागामा से पीरपैंती तक नई लाइन के लिए निविदा की प्रक्रिया चल रही है।

ऐसे में तय है कि आनेवाले समय में गोड्डा रेलवे स्टेशन बड़ा आकार लेने वाला है। यही नहीं आनेवाले दिनों में गोड्डा से ट्रेनों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी जिससे गोड्डा सहित आसपास की बड़ी आबादी को बेहतर रेल सुविधा मिल सकेगी।

आम जनता काे सबसे ज्यादा सहूलितय मिलने वाली है। कम पैसे में भी लंबी दूरी के सफर सुविधा पूर्वक हो सकेंगे। वहीं, दूसरी ओर जो बातें सामने आ रही है।

अगले साल तक 5 नई ट्रेनें होंगी शुरू 

कोचिंग डिपो तैयार होने व फंक्शन में आने के बाद गोड्डा से अगले साल मध्य तक पांच नई ट्रेनों का परिचालन शुरू हो सकता है, इसके लिए प्रयास जारी है।

रेल सूत्रों के अनुसार, गोड्डा स्टेशन को बेंगलुरू और पुणे के लिए साप्ताहिक के अलावा एक वंदे भारत गोड्डा-रांची के लिए मिल सकती है।

वहीं, गोड्डा से कोलकात्ता के लिए भी ट्रेन बढ़ सकती है, जबकि गोड्डा भागलपुर व गोड्डा देवघर लोकल ट्रेन का फेरा भी बढ़ेगा।इसके साथ ही रेलवे स्टेशन से लेकर कोच भी सुविधा बढ़ेगी।

31 मार्च तक बन जाएगा कोचिंग डिपो

इस बाबत पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश कुमार झा ने कहा कि गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे इस दिशा में लगातार प्रयासरत रहे है कि कैसे गोड्डा सहित संताल परगना के लोगों को बेहतर रेल कनक्विविटी मिल सके।

उन्होंने कहा कि सांसद कोचिंग डिपो बनने के बाद जिसके अगले साल 31 मार्च तक पूरा हो जाने की उम्मीद है। इस प्रयास में लगे है कि गोड्डा से और ट्रेनों को कैसे संभव हो सके। ऐसे में पूरी संभावना है कि कोचिंग डिपों फंक्शन में आने के बाद ट्रेनों की संख्या बढ़नी तय है।

डीआरएम भी जता चुके हैं विकास की उम्मीद

मालूम हो कि इससे पहले मालदा डिवीजन के डीआरएम मनीष गुप्ता भी कह चुके है कि गोड्डा में कोचिंग डिपों तैयार होने के बाद ट्रेन की संख्या में बढ़ेगी।

इसके साथ ही रामपुरहाट-दुमका-भागलपुर रेलखंड पर भी दोहरीकरण का काम शुरू हो रहा है, जिससे रेल आवाजाही और बढ़ेगी व यात्री सुविधा बेहतर होगा।

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