गोड्डा में अवैध मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश, संचालक समेत दो गिरफ्तार
महागामा पुलिस ने अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए उसके संचालक पवन कुमार तुरी सहित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

संचालक समेत दो अभियुक्त गिरफ्तार। फोटो जागरण
HighLights
महागामा पुलिस ने अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।
संचालक पवन तुरी सहित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
फैक्ट्री से भारी मात्रा में हथियार निर्माण सामग्री बरामद हुई।
संवाद सूत्र, महागामा (गोड्डा)। महागामा पुलिस ने अवैध मिनी गन फैक्ट्री संचालक समेत दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय हिरासत में जेल भेज दिया है। एसडीपीओ वरुण रजक ने बताया कि 16 सितंबर को महागामा थाना कांडा संख्या 166/26 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
महागामा थाना क्षेत्र के घाट बलिया गांव में अवैध मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन करते हुए भारी मात्रा में हथियार निर्माण में प्रयुक्त मशीनरी, उपकरण, कच्चा माल, अर्थनिर्मित हथियार,देसी रायफल एवं जिंदा कारतूस आदि बरामद किया गया था।
उक्त कार्यवाई के दौरान दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, लेकिन कांड के शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु एसपी मुकेश कुमार के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी महागामा के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल का गठन किया गया।
गठित टीम के द्वारा तकनीकी एवं मानवीय सूचना के आधार पर लगातार छापेमारी एवं अनुसंधान किया गया।इसी क्रम में 19 सितंबर को उक्त कांड के प्राथमिकी अभियुक्त पवन कुमार तुरी घाट बलिया महागामा, प्रीतम कुमार पिता स्व किशोर राउत घाट निस्तारा, पथरगामा और इंद्रदेव रविदास पिता विजय रविदास माल रामपुर,पथरगामा को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार प्राथमिकी अभियुक्त पवन कुमार तुरी की निशानदेही पर अवैध अर्ध निर्मित आर्म्स के परिवहन में प्रयुक्त वाहन को भी जब्त कर लिया गया है।
एसडीपीओ ने बताया कि अभियुक्त पवन तुरी सामाजिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़ा हुआ व्यक्ति रहा है। छापामारी के दौरान उसके परिसर से विभिन्न सामाजिक एवं संगठनात्मक पदों को प्रदर्शित करने वाला पहचान पत्र बरामद हुआ है, जिसमें भारतीय सूचना अधिकार रक्षा मंच, जिला अध्यक्ष, गोड्डा मानव अधिकार मिशन, जिला अध्यक्ष, गोड्डा एवं आदि के रूप में अंकित किया गया सामग्री भी पुलिस के हाथ लगा है।
इसके साथ ही वाहन से एक प्रेस अंकित बोर्ड भी मिला है। इसके अलावा ईसीएल से संबंधित विभिन्न विषयों पर सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत आवेदन देकर सूचनाएं प्राप्त करने तथा सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहने वाला व्यक्ति रहा है।
एसडीपीओ ने कहा कि गिरफ्तार तीनों अभियुक्तों समेत अन्य लोगों के साथ मिलकर अवैध मिनी गन फैक्ट्री को संचालित करता था। अवैध रूप से निर्मित हथियारों को लोकल सप्लाई नहीं कर बिहार में सप्लाई करता था, ताकि मामले का उद्भेदन नहीं हो सकें।
उन्होंने कहा कि करीब एक साल से अवैध मिनी गन फैक्ट्री का संचालन हो रहा था। पुलिस इस कारोबार में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर लगातार छापेमारी कर रही है।
यहां बता दें कि 16 सितंबर 2026 को बिहार के मुंगेर से आई एसटीएफ की टीम बरामद हथियार के मामले में सत्यापन एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु महागामा थाना पहुंची थी, जहां एसटीएफ और महागामा पुलिस संयुक्त रूप से घाट बलिया गांव स्थित पवन कुमार तुरी के मकान में छापेमारी की।
इस दौरान बड़ी संख्या में पिस्टल निर्माण में प्रयुक्त होने वाला मशीनरी, उपकरण, कच्चा माल, अर्थनिर्मित पिस्टल, देशी राइफल और जिंदा कारतूस समेत बड़ी संख्या में इस्पात का पट्टी आदि बरामद किया गया था।
उक्त मशीनरी को जेसीबी मशीन समेत अन्य सामान को उखाड़कर थाना लाया गया था। छापामारी दल में एसडीपीओ वरुण रजक, पुलिस निरीक्षक उपेन्द्र महतो, थाना प्रभारी अभिनय आनंद महागामा, थाना प्रभारी विकास कुमार हनवारा,एसआई खालिद अहमद खां और शस्त्र बल शामिल थे।
