गोड्डा : राष्ट्रीय वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत फाइलेरिया मुक्त झारखंड बनाने को लेकर बुधवार को सदर अस्पताल परिसर में बने बूथ पर फाइलेरिया एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम आयोजित कर सभी को फाइलेरिया की दवा खिलाई गई। छह दिवसीय अभियान का शुभारंभ उपायुक्त किरण कुमार पासी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि फाइलेरिया मच्छर के काटने से होनेवाला एक संक्रामक रोग है। इसके उन्मूलन को लेकर प्रत्येक वर्ष अभियान चलाया जाता है। फाइलेरिया के समूल नाश के लिए समाज के सभी वर्गों को दवा खाने को जागरूक होना होगा। सिविल सर्जन डा. रामदेव पासवान ने कहा कि फाइलेरिया से बचाव को लेकर डीईसी एवं एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाती है। जिले में 12,96,836 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। छह दिवसीय कार्यक्रम के तहत तीन दिन बूथ पर एवं तीन दिनों तक घर- घर जाकर फाइलेरिया की खुराक खिलाई जाएगी। दवा का कोई साइड इफेक्ट नहीं है। दो वर्ष से उपर आयु वर्ग के सभी लोग इस दवा का सेवन कर सकते हैं। केवल गर्भवती माताएं, गंभीर रूप से बीमार मरीज को दवा नहीं खिलानी है। कहा कि कभी भी दवा को खाली पेट नहीं खाना चाहिए। यह दवा सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी व स्कूलों में मुफ्त दी जा रही है। मौके पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. मंटू टेकरीवाल, डा. पीएन दर्वे, डॉ. अमोद कुमार मिश्रा के अलावा राजीव झा, सुबोध चौधरी, इसुनील कुमार, निर्मला कुमारी, जवाहर प्रसाद सहित दर्जनों स्वास्थ्य कर्मी आदि थे।

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