परमानंद मिश्र / पोडै़याहाट (गोड्डा) : विधान सभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है। कई विस सीट के लिए उम्मीदवारों की सूची भी कुछ राजनीतिक पार्टियों की ओर से जारी हो चुकी है । अभी पोड़ैयाहाट सीट पर सस्पेंस बरकरार है। लिहाजा हर नुक्कड़ पर इस बार किसको मिलेगा टिकट, कौन मारेगा बाजी जैसी चर्चाएं आम होने लगी है। हम भी आम लोगों का मिजाज जानने के लिए मिडिल स्कूल के पास स्थित भुवन चाय दुकान पर तड़के पहुंच गए। सुबह का समय वातावरण में कुहासे की धुंध चारों ओर फैली हुई है। ऐसे में मॉर्निंग वॉक करने वाले कुछ बुजुर्ग और कुछ अधेड़ व युवा चाय की दुकान पर जमा होने लगे। कुछ लोग घरों से निकलकर सुबह-सुबह चाय की तलब को लेकर दुकान पर पहुंचे थे। चाय की चुस्की के साथ लोगों की संख्या भी बढ़ने लगी। आम लोगों के साथ कुछ राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ता भी चाय की दुकान पर अब पहुंच चुके हैं। चाय की गर्माहट के साथ साथ चुनावी चर्चा में भी गर्मी आने लगी है। सबकी अपनी दलील और अपना तर्क है। सुबह-सुबह पोड़ैयाहाट के डांड़ै गांव से पहुंचे रमेश कुमार ने चाय की चुस्की लेते हुए कहा कि पोड़ैयाहाट में तो एगो मछली और नौ नौ कुटी बखरा वाली बात हो रही है। रमेश ने तपाक से अपनी बात बदलने की कोशिश करते दूसरे आगंतुक से पूछा कि क्या हाल-चाल है हो। कल भाजपा प्रत्याशी की लिस्ट जारी हुई । पोडै़याहाट में बीजेपी के उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं हुई। आखिर क्या माजरा है। कुछ समझ मे नहीं आ रहा है। इस बीच चाय का आर्डर देकर इंतजार कर रहे दीपक कुमार ने कहा कि भाजपा में यहां उम्मीदवारों की फौज है। पैसा और पैरवी भी ही जरूरी है चुनाव लड़ने के लिए। शायद इसीलिए पार्टी पशोपेश में पड़ी है। किसे उतारूं चुनावी दंगल में जो यहां के मौजूदा विधायक प्रदीप यादव को पटखनी दे पाए। इसी बीच संतोष कुमार ने कहा कि पोडै़याहाट में बीजेपी प्रत्याशी चयन में काफी सावधानी बरत रही है। पार्टी नफा नुकसान पर फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रही है। इस बीच रमेश ने कहा कि जेवीएम विधायक को घेरने के लिए यहां तो भाजपा ब्रिगेट लगा हुआ है। अभी भाजपा का टिकट पाने वाले उम्मीदवारों की धड़कन काफी तेज है। टिकट की चाहत रखने वाले प्रत्याशी अंदर से सहमे हुए हैं। वैसे तो यहां जितने भी उम्मीदवार क्षेत्र भ्रमण कर रहे हैं, वे सभी अपने को प्रबल दावेदार बता रहे हैं। कह रहे हैं कि टिकट उन्हीं को मिलना निश्चित है। इधर चाय की प्याली फेंकते हुए राजेश ने कहा अरे बीजेपी की बात छोड़िये, झामुमो भी तो अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। उसमें भी तो कई नामों की चर्चा है और सभी कहते फिर रहे कि टिकट उन्हें ही मिलेगा। उम्मीदवार और जनता दोनों में यही चर्चा है कि आखिर प्रदीप यादव के खिलाफ टिकट किसको मिलेगा। तब तक रमेश बोल पड़ा कि टिकट जिसे भी मिले, यहां मुकाबला दिलचस्प होगा। राजेश ने कहा कि अभी धुंध छटी नहीं है। सभी संभावित उम्मीदवार यही बता कर भ्रम फैला रहे हैं कि टिकट तो उन्हें ही मिलेगा। इसी बीच सुरेंद्र मुर्मू जो चाय पीकर गप सुन रहा था । बहुत देर से बोला अभी एक ही उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं जिनका नाम सबको पता है, वह वर्तमान विधायक प्रदीप यादव। चाहे टिकट किसी को भी मिले, टकराना तो प्रदीप यादव से ही है। इस बीच इंद्र देव ने कहा पहले दूसरी पार्टी का उम्मीदवार का तो देखो किस को मिलता है। रोहू ,कतला , पोठिया , गरय या मोंगरी तभी कुछ कहा जा सकता है। कुछ आदमी थे जो कि इस चर्चा में बिल्कुल तटस्थ थे लेकिन चर्चा में मजा ले रहे थे यह बोलते हुए कि पोखर में मछली और नौ नौ कुटी बखरा..।

Posted By: Jagran

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