साधारण परिवार से ONGC के चेयरमैन तक: झारखंड के डुमरी के सुनील गुप्ता की संघर्ष, मेहनत और सफलता की प्रेरक कहानी
ONGC Chairman Appointment: झारखंड के गिरिडीह जिले के डुमरी के सुनील कुमार गुप्ता ने सीमित संसाधनों के बावजूद आईआईटी (आईएसएम) ...और पढ़ें

सुनील कुमार गुप्ता बनेंगे ONGC के चेयरमैन।
HighLights
सुनील गुप्ता डुमरी, गिरिडीह से ONGC चेयरमैन बने।
आईआईटी धनबाद से पेट्रोलियम इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।
7 दिसंबर 2026 को ONGC चेयरमैन का पदभार संभालेंगे।
आशीष कुमार जायसवाल, डुमरी (गिरिडीह)। ONGC Chairman Sunil Kumar Gupta: झारखंड के गिरिडीह जिले के डुमरी की मिट्टी में पले-बढ़े सुनील कुमार गुप्ता ने अपनी मेहनत, मेधा और दृढ़ संकल्प से सफलता की ऐसी इबारत लिखी है, जो लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है।
कभी सीमित संसाधनों के बीच शिक्षा हासिल करने वाले सुनील ने IIT (ISM) Dhanbad से पेट्रोलियम इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और अपने लंबे अनुभव व कार्यकुशलता के दम पर देश की महारत्न कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) के चेयरमैन पद तक पहुंचने का मुकाम हासिल किया।
उनकी यह उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्ति की कामयाबी नहीं, बल्कि डुमरी की धरती, गिरिडीह जिले और पूरे झारखंड के लिए गौरव का क्षण है। सुनील कुमार गुप्ता की कहानी साबित करती है कि सपने बड़े हों, हौसले बुलंद हों और मेहनत पर भरोसा हो, तो एक साधारण शुरुआत भी असाधारण मंजिल तक पहुंच सकती है।
जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने 21 अक्टूबर 2026 को पेट्रोलियम मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। जारी आदेश के मुताबिक, सुनील कुमार गुप्ता 7 दिसंबर 2026 को ONGC के चेयरमैन का पदभार संभालेंगे। उनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2028 तक निर्धारित बताया गया है, जिसके बाद संविदा के आधार पर आगे जारी रहने की बात कही गई है।
बताया जा रहा है कि ONGC के लगभग 70 वर्षों के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर स्तर के अधिकारी को सीधे कंपनी के सर्वोच्च पद पर नियुक्त किया गया है।
संघर्ष, मेहनत और सफलता की प्रेरणादायक कहानी
सुनील कुमार गुप्ता का सफर मेहनत, लगन और समर्पण की प्रेरणादायक मिसाल है। उनका जन्म 29 दिसंबर 1968 को डुमरी के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उन्होंने वर्ष 1975 में बेसिक स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा शुरू की। वर्ष 1984 में मैट्रिक और 1986 में संत कोलंबस कॉलेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की।
बचपन से ही मेधावी रहे सुनील कुमार गुप्ता ने कड़ी मेहनत के दम पर आईआईटी (आईएसएम), धनबाद में प्रवेश प्राप्त किया और वर्ष 1991 में पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने मार्केटिंग और फाइनेंस में बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई भी की।
वर्ष 1991 में ही उन्होंने असम के शिवसागर-नजीरा क्षेत्र से ONGC में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (प्रोडक्शन) के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। तीन दशक से अधिक के अपने लंबे कार्यकाल में उन्होंने मुंबई हाई, दिल्ली, हजीरा, काकीनाडा और मेहसाणा जैसे देश के प्रमुख तेल एवं गैस क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
तेल उत्पादन, वेल सर्विसेज, डीप-वाटर ऑपरेशन और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। वर्तमान में वे ONGC मेहसाणा एसेट के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं एसेट मैनेजर के पद पर कार्यरत बताए गए हैं।
परिवार में खुशी का माहौल
सुनील कुमार गुप्ता की इस उपलब्धि की खबर डुमरी पहुंचते ही पूरे इलाके में खुशी का माहौल बन गया। परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में उत्साह है। बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और गांव में लोग एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर खुशी जाहिर कर रहे हैं।
उनकी माता तुलसी देवी ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बेटा दिसंबर में चेयरमैन के रूप में पदभार संभालेगा। उन्होंने कहा कि बेटे की इस उपलब्धि से पूरे गांव और जिले का नाम रोशन हुआ है।
युवाओं के लिए प्रेरणा
सुनील कुमार गुप्ता की उपलब्धि डुमरी ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी यात्रा बताती है कि साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाला व्यक्ति भी शिक्षा, परिश्रम, अनुशासन और निरंतर प्रयास के बल पर देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में सर्वोच्च जिम्मेदारी तक पहुंच सकता है।
डुमरी के लोगों को उम्मीद है कि उनकी सफलता आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा और करियर के क्षेत्र में बड़े सपने देखने तथा उन्हें साकार करने की प्रेरणा देगी।
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