संवाद सहयोगी, पीरटांड़ : जैनियों के विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल सम्मेद शिखर की पावनधरा मधुबन में रविवार को आचार्य प्रसन्न सागरजी महाराज का मंगल प्रवेश हुआ। चतुर्मास पर्व को ले जैन साधुओं का आगमन शुरू हो गया है, यहां उनका मंगल प्रवेश कराया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रसन्न सागरजी महाराज के ससंघ की अहिसा पद यात्रा का मंगल प्रवेश पूरे गाजे-बाजे, नाचते-गाते, जय जयकार का नारे लगाते श्री दिगंबर जैन बीस पंथी कोठी के प्रागंण किया गया।

आचार्य श्री अपने दल बल के साथ शनिवार को ही मधुबन के शिद्वायतन संस्था के प्रागंण में रात्रि प्रवास कर चुके थे। रविवार प्रात: वहां से निकल कर विभिन्न मंदिरों का दर्शन करने के बाद दोपहर में पूरे ससंघ के साथ सम्मेद शिखर में प्रवेश के लिए निकले। इस दौरान उनके स्वागत में पूरा मधुबन खड़ा रहा।

मधुबन थाना प्रभारी दिलशान बिरूवा भी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे दलबल के चलते रहे। मधुबन की तमाम संस्थाओं के प्रबंधकों के अलावा बीस पंथी के दर्जनों कर्मचारी ढोल-नगाड़े के साथ-साथ दर्जनों आदिवासी महिलाओं ने पूरे साज-बाज व माथे में कलश लेकर आगे-आगे पैदल चलते हुए प्रवेश कराया। आचार्य श्री मधुबन में बने मंदिरों का दर्शन करते हुए आगे बढ़ते चले। सभी संस्थाओं के अपने-अपने गेट में रंगोलियां बनाकर स्वागत किया गया। आचार्य ससंघ के लोगों ने विभिन्न मंदिरों का दर्शन कर सीधे बीस पंथी कोठी के मध्यलोक शोध संस्थान में प्रवेश कर यात्रा का समापन किया। यहां आचार्य प्रसन्न सागर का प्रवचन हुआ। इसके बाद बीस पंथी कोठी के लिए वह रवाना हुए।

कार्यक्रम में अजय कुमार जैन, बीएन चौगले, सुमन सिन्हा, देवेन्द्र जैन, संजीव कुमार जैन, पंडित शैलेंद्र जैन पुजारी, शैलेश जैन, सतेन्द्र जैन, बिनोद जैन, मनोज कुमार जैन, अतुल जैन, पंकज जैन, दीपक जैन, मनीष जैन, अमित जैन, दीपक सिंह, डॉ. ओमप्रकाश सिंह, रितेश मंदिलवार, कैलाश अग्रवाल, तेजनारायण मेहता,,सुजीत सिन्हा, ऋषभ शास्त्री, उज्ज्वल जैन, लाजपतराय जैन, अर्पित जैन, प्रभाष जैन, सुभाष चंद्र जैन, अभिनव जैन, सतीश जैन, सुधीर जैन, मनीषा जैन, सरिता जैन, प्रभा जैन, ममता जैन आदि उपस्थित थे।

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