गावां (गिरिडीह): मंझने में मनरेगा के तहत कराए गए खेल मैदान निर्माण में जमकर मनमानी की गई है। काहेल मैदान के लिए स्वीकृत तीन लाख 92 हजार की राशि की निकासी कर ली गई, जबकि काहेल मैदान का निर्माण सही ढंग से नहीं करवाया गया है। खिलाड़ियों के लिए बनाए जा रहे ड्रेसिग रूम का निर्माण भी घटिया तरीके से किया जा रहा है। मंझने पंचायत के खिलाड़ियों व ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए बीडीओ को आवेदन सौंपकर मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। युवकों का कहना है कि पूर्व में यह खेल मैदान ठीक था। वहां प्रखंड लेबल के टूर्नामेंट कराए जाते थे। जब से ठेकेदार ने मनरेगा के तहत कार्य करवाया है मैदान को और भी खराब कर दिया है। इतनी राशि खर्च होने के बावजूद मैदान में कई जगह गड्ढे हो गए हैं। इससे हल्की बारिश में भी जहां-तहां पानी जमा हो जाता है। क्या कहते हैं खिलाड़ी व ग्रामीण

पहले तो मैदान खेलने लायक भी था परंतु जब से खेल मैदान निर्माण के नाम पर मिट्टी डालने का कार्य किया गया है तब से मैदान और भी बेकार हो गया है। इसकी शिकायत बीडीओ से भी की गई है परंतु कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

जितेंद्र यादव, ग्रामीण मैदान को बनाने के लिए सरकार ने तीन लाख 92 हजार की राशि स्वीकृत की परंतु काम करवाने के नाम पर 20-30 गाड़ी मिट्टी गिराकर छोड़ दिया गया। इससे मैदान में जगह जगह गड्ढा हो गया है।

इमरान आलम, ग्रामीण मनरेगा के तहत हुए कार्य मे ठेकेदार ने रोजगार सेवक व पंचायत सेवक से मिलकर राशि की निकासी कर ली, परंतु काम पूरा नहीं किया है।

रोहित साव, खिलाड़ी अभी हल्की बरसात में ही मैदान में जगह जगह पानी जमा हो गया है जिससे वह खेलने लायक नहीं रह गया है। काहेल मैदान निर्माण के नाम इस बिगाड़ने का काम किया गया है।

शाहिद खान, खिलाड़ी मैदान की बाई ओर घुटना भर गड्ढा है। उसे भरवाने के लिए कई बार ठेकेदार से कहा गया बावजूद इसके कार्य नहीं करवाया गया। इसकी शिकायत बीडीओ से की गई है।

अजय यादव, खिलाड़ी खेल मैदान के नाम और मनरेगा राशि की बंदरबांट की गई है। जांच कर कार्रवाई के लिए बीडीओ को आवेदन दिया गया है।

अफरीदी आलम, ग्रामीण वर्जन

अगर मैदान में जगह जगह गड्ढा हो गया है तो उसका दुबारा निर्माण करवाया जाएगा। पूरी राशि की निकासी अभी नहीं हुई है। जो भी अनियमितताएं हैं उसे एक सप्ताह के अंदर दुरुस्त करवा दिया जाएगा।

नीतीश कुमार, जेई

Edited By: Jagran