संस, तिसरी (गिरिडीह) : तिसरी पंचायत भवन में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री सह धनवार के विधायक बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जल्द ही हेमंत सोरेन की सदस्यता चली जाएगी। राज्य में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है व कानून व्यवस्था चरमरा गई है। राज्य में गरीब तबके के लोग कहीं सुरक्षित नहीं हैं। इस सरकार में ढिबरा, बालू व पत्थर पर प्रतिबंध लगाने से मजदूर वर्ग के लोगों को काफी परेशानी हो रही है और विकास कार्य प्रभावित हो रहा है। मरांडी ने बुधवार को तिसरी में एक कार्यक्रम के दौरान यह बातें कही। उन्होंने कहा कि जहां तक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता जाने का सवाल है तो उन्होंने तो क्राइम किया है। मुख्यमंत्री रहते हुए खान व वन विभाग भी उन्हीं के पास है। इस दौरान अपने नाम पर खनन पट्टा लिया है। राज्यपाल को पत्र दिया है। मरांडी ने कहा कि भाजपा में जेवीएम का विधिवत रूप से विलय हुआ है। चुनाव आयोग ने इस पर मुहर भी लगा दी है। इसके बाद विधानसभा को सुनवाई करने का कोई अधिकार ही नहीं है।

उन्होंने कहा कि तिसरी और गावां प्रखंड में अधिकांश लोग ढिबरा से जुड़े हुए हैं। यहां के मजदूर व गरीबों के जीविकोपार्जन का एकमात्र सहारा ढिबरा है। इसके बावजूद यहां लगातार संबंधित विभाग की ओर से गोदाम में छापेमारी की जा रही है। ढिबरा की गाड़ी को सड़क पर पकड़कर मालिक पर केस कर उन्हें जेल भेजने का काम किया जा रहा है। ढिबरा जंगल भूमि के अलावे बाहर भी है। झारखंड सरकार को चाहिए कि कैंप लगाकर ढिबरा उत्खनन का लीज दे दे। मरांडी ने कहा कि जिले के गांडेय, पीरटांड़, धनवार, बेंगाबाद, तिसरी व गावां सहित कई प्रखंडों में जनसमस्या के मुद्दों को लेकर भाजपा आंदोलन करेगी जिसमें वे स्वयं शामिल रहेंगे। खासकर तिसरी में 12 व गावां में 11 नवंबर को ऐतिहासिक आंदोलन के लिए प्रखंड के सभी पंचायतों व गांवों से लोगों से भाग लेने की अपील की जा रही है।आंदोलन के बाद भी यदि वन विभाग जनता के दर्द को नहीं समझेगा तो हम समझते है कि जनता को भी वन विभाग के खिलाफ गोलबंद होना होगा। मौके पर जिला अध्यक्ष महादेव दूबे, चुन्नूकांत, मंडल अध्यक्ष रविंद्र पंडित, रामचंद्र ठाकुर, उदय साव, सुनील शर्मा, सुनील साव, संजीत राम, मोहन बरनवाल मौजूद थे।

Edited By: Gautam Ojha

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