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गिरिडीह में जंगली बिरनियों का आतंक: एक माह में 5 की मौत, 150 से अधिक घायल; खेत-जंगल जाने से डर रहे ग्रामीण

Published: Fri, 25 Sep 2026 03:07 PM (IST)

Giridih Hornet Attack: गावां प्रखंड में जंगली बिरनियों का आतंक जारी है, पिछले एक माह में इनके हमले से पांच ...और पढ़ें

गिरिडीह में बिरनी झुंड के हमले में महिला की मौत। (एआइ फोटो)

गिरिडीह में बिरनी झुंड के हमले में महिला की मौत। (एआइ फोटो)

संवाद सूत्र, गावां (गिरिडीह)। Hornet Attack In Giridih: झारखंड के गिरिडीह जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों जंगली बिरनी (हाड़ा) का आतंक लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। लोग खेत-खलिहान में जाने से डरने लगे हैं। झुंड में बिरनियां हमला कर रही हैं।

गावां प्रखंड क्षेत्र में बिरनियों का आतंक लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। पिछले एक माह के दौरान बिरनियों के हमले में पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 150 से अधिक लोग डंक से घायल हुए हैं।

ताजा हमले में साख गांव की साबिया देवी की मौत 

लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोग खेत, जंगल और आसपास के इलाकों में जाने से भी डरने लगे हैं। बिरनी हमले से गुरुवार को एक महिला की मौत हो गई।

सांख गांव के लक्ष्मीबथान टोला निवासी 42 वर्षीय साबिया देवी, पति महेंद्र प्रसाद यादव, मवेशियों को चराने के लिए जंगल की ओर गई थीं। इसी दौरान जंगली बिरनियों ने उन पर हमला कर दिया। बिरनियों के डंक से उनकी हालत गंभीर हो गई।

घटना की जानकारी मिलने पर परिजन उन्हें तत्काल इलाज के लिए बेलाटांड़ अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें रेफर कर दिया। परिजन उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे, इसी दौरान रास्ते में ही साबिया देवी की मौत हो गई।

इससे पूर्व बिरने निवासी सरकारी शिक्षक देवेन्द्र सिंह, गावां निवासी धनेश्वर यादव, पिहरा निवासी सदिक मियां व सिरी निवासी एक वृद्ध की जान जा चुकी है।

वन विभाग की तरफ से बचाव की पहल नहीं 

घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार जंगली बिरनियों के हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके बावजूद अब तक इनसे बचाव के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जंगली बिरनियों के आतंक से लोगों को बचाने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि आगे इस तरह की घटनाओं में लोगों की जान न जाए।

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