शराबियों के फेर में फंसे गिरिडीह के भरकट्टा ओपी प्रभारी, वीडियो बनाकर किया वायरल
Giridih News: भरकट्टा ओपी प्रभारी पर शराबियों द्वारा पैसे मांगने का आरोप लगाते हुए एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल ...और पढ़ें
HighLights
गिरिडीह ओपी प्रभारी पर पैसे मांगने का आरोप।
शराबियों ने सड़क पर हंगामा कर वीडियो बनाया।
ग्रामीणों ने आरोपों को निराधार बताया, कार्रवाई की मांग।
संवाद सहयोगी, बिरनी (गिरिडीह)। झारखंड के गिरिडीह जिले के भरकट्टा ओपी प्रभारी पर रुपये मांगने का आरोप लगाने वाला एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, मामले की सच्चाई कुछ और ही बताई जा रही है।
घटना गत शुक्रवार रात करीब 10 बजे की है। जुटहा-आम-सरिया मुख्य मार्ग पर भलुआ के पास दो शराबी युवकों ने बीच सड़क पर अपना वाहन खड़ा कर हंगामा करना शुरू कर दिया। इससे आवागमन बाधित हो रहा था।
इसी दौरान भरकट्टा ओपी प्रभारी ओमप्रकाश पांडेय रात्रि गश्ती पर थे। उन्हें सूचना मिली कि उक्त स्थान पर कुछ युवक शराब के नशे में सड़क पर हंगामा कर रहे हैं। सूचना मिलते ही ओपी प्रभारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने युवकों को समझाते हुए सड़क से वाहन हटाने और घर जाने को कहा।
आरोप है कि इसी बात पर युवक ओपी प्रभारी से उलझ गए। उन्होंने उल्टे ओपी प्रभारी पर दो हजार रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए वीडियो बना लिया और उसे इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया। युवकों ने मौके पर काफी हंगामा किया। इस दौरान ओपी प्रभारी असहज हो गए, लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा।
स्थिति बिगड़ती देख ओपी प्रभारी ने स्थानीय मुखिया को सूचना दी। सूचना मिलते ही मुखिया सत्येंद्र राउत और सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों की भीड़ जुटती देख दोनों युवक वहां से फरार हो गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, ओपी प्रभारी रात्रि गश्ती के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान युवकों ने उन पर रुपये मांगने का आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल कर दिया। ग्रामीणों ने ओपी प्रभारी का समर्थन करते हुए युवकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बताया जाता है कि दोनों युवक भरकट्टा ओपी क्षेत्र के पिपराडीह गांव के रहने वाले हैं। वीडियो वायरल होने के बाद ओपी प्रभारी पर लगाए गए आरोपों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
मुखिया ने बताया आरोप गलत
स्थानीय मुखिया सत्येंद्र राउत ने कहा कि ओपी प्रभारी पर रुपये मांगने का आरोप गलत है। उनसे इस संबंध में बातचीत हुई थी। जब तक वह मौके पर पहुंचे, तब तक दोनों युवक फरार हो चुके थे।
ओपी प्रभारी बोले, आरोप निराधार
ओपी प्रभारी ओमप्रकाश पांडेय ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि युवकों को सड़क से वाहन हटाने और घर जाने के लिए कहा गया था। इसी बात पर वे भड़क गए और वीडियो बनाने लगे। वे खुद ही कहने लगे कि ओपी प्रभारी जांच के नाम पर रुपये मांग रहे हैं।
उन्होंने कहा कि घटना की सच्चाई स्थानीय ग्रामीण ही बता सकते हैं। पुलिस के पहुंचने से पहले युवक सड़क पर वाहन खड़ा कर हंगामा और गाली-गलौज कर रहे थे, जिससे रात में स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही थी। दोनों युवकों के नाम और गांव की जानकारी जुटाई जा रही है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
