गिरिडीह : डीवीसी बिजली कटौती नहीं करे, इसके लिए हेमंत सरकार गंभीर है। किसी भी कीमत पर बिजली कटौती डीवीसी को वापस लेनी होगी।

डीवीसी के इस फैसले से राज्य की 25 फीसद आबादी प्रभावित हो रहा है। फिलहाल बकाया राशि में से दो सौ करोड़ रुपये भुगतान करने की व्यवस्था की जा रही है। बकाया राशि को लेकर डीवीसी एवं राज्य सरकार के बीच विवाद है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से वार्ता के लिए डीवीसी चेयरमैन को रांची बुलाने का प्रस्ताव सदन में पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने दिया है। यह जानकारी गिरिडीह के झामुमो विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने दैनिक जागरण को दी है। उन्होंने बताया कि बातचीत में यह जानकारी मिली है कि डीवीसी पांच हजार करोड़ रुपये बकाये का दावा कर रहा है। जबकि राज्य सरकार का कहना है कि बकाया मात्र 24 सौ करोड़ रुपये है। राज्य सरकार यह मामला ट्रिव्यूनल में ले गई है। यह सहमति बन रही है कि गैर विवादित 24 सौ करोड़ रुपये बकाया एवं करंट बिल का भुगतान सरकार डीवीसी को करेगी। ट्रिव्यूनल का फैसला जो भी आएगा, उसे दोनों पक्षों को स्वीकार करना होगा। विधायक ने बताया कि डीवीसी दादागिरी कर रहा है जबकि स्थापना के समय जो समझौता हुआ था, उसके तहत 33 फीसद हिस्से का मालिक राज्य सरकार है। उन्होंने बताया कि डीवीसी की दादागीरी से गिरिडीह की जनता को अप्रैल माह के अंत तक मुक्ति मिल जाएगी। करहरबारी पावरग्रिड को चालू कर गिरिडीह को मेन ग्रिड से जोड़ दिया जाएगा। मई माह से बिजली संकट दूर हो जाएगी।

Edited By: Jagran