गिरिडीह : जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए चिन्हित किए गए चिकित्सकों व चिकित्साकर्मियों को घर न जाकर अस्पताल में ही रहने की बाध्यता होगी। एक निश्चित अवधि के बाद उन्हें चौदह दिनों के लिए क्वारंटाइन में भी रहना पड़ेगा। ऐसा कदम कोरोना से एहतियात बरतने को लेकर उठाया गया है।

इस संबंध में उपायुक्त ने सिविल सर्जन को एक पत्र भेजकर चिकित्सकों व कर्मियों के लिए आवासन की समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। पत्र में कहा है कि कोविड-19 के मरीजों के इलाज के लिए चिन्हित चिकित्सकों तथा कर्मियों को अस्पताल परिसर या उसके नजदीक में स्थित होटल, लॉज या हॉस्टल में निश्चित रूप से रहना है। इस अवधि में उन्हें अन्यत्र जाने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे में मरीजों के लिए चिन्हित डुमरी के मीना जेनरल अस्पताल में रहना अनिवार्य होगा। साथ ही एक निश्चित अवधि के बाद बगोदर स्थित होटल अशोका में आवासन की समुचित व्यवस्था करना सुनिश्चित करेंगे। यहां चिकित्सकों व कर्मियों को चौदह दिनों के लिए क्वारंटाइन में रखा जाएगा।

बारह थाना क्षेत्रों में और खुलेंगे सामुदायिक किचेन : कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप व इससे बचाव को राज्य में लगाई गई पूर्णतया तालाबंदी के क्रम में जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने को लेकर जिले के बारह थाना क्षेत्रों में और भी सामुदायिक किचेन सह खिचड़ी केन्द्र संचालित किया जाएगा। इस संबंध में उपायुक्त ने जिले के सभी पणन पदाधिकारियों व आपूर्ति पदाधिकारियों को इसे शीघ्र ही चालू कराने का निर्देश दिया है।

नगर थाना के बड़ा चौक, मुफस्सिल थाना के मोहनपुर, बेंगाबाद थाना के प्रखंड़ कार्यालय के पास, मधुबन थाना के बिरनगड्डा व लटकट्टो, पीरटांड़ थाना के कावेरी होटल, निमियाघाट थाना के यादव होटल, बगोदर थाना के सबेरा होटल, सरिया थाना के हजारीबाग रोड, धनवार थाना के गांधी चौक स्थित दिनेश होटल, जमुआ थाना के अस्पताल के सामने, देवरी थाना के ब्लॉक के पीछे व तारटांड़ थाना क्षेत्र में कुम्हरशेड आदि स्थान शामिल हैं। इन स्थानों पर दो रसोईया व एक सहायक को खाना बनाने के लिए रखने व पचास से लेकर एक सौ जरूरतमंदों को प्रतिदिन भोजन कराने का निर्देश दिया गया है।

Posted By: Jagran

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